Ghaziabad School News: ग्रीन फील्ड स्कूल में ‘प्रतिभा दर्शन 3.0’ का सफल आयोजन, डॉ. नमिता यश रहीं मुख्य अतिथि

ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, संजय नगर में 'प्रतिभा दर्शन 3.0' प्रदर्शनी आयोजित हुई, जहां छात्रों ने मॉडल प्रदर्शित किए।

गाजियाबाद, 22 अगस्त 2026: संजय नगर सेक्टर-23 स्थित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में शनिवार को भव्य वार्षिक प्रदर्शनी ‘प्रतिभा दर्शन 3.0 – स्पेक्ट्रम ऑफ क्रिएटिव क्रॉनिकल्स’ का शानदार आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. नमिता यश (फैकल्टी, दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस वर्ष प्रदर्शनी की मुख्य थीम ‘एक्सप्लोर, एक्सपीरियंस, एक्सप्रेस’ (Explore, Experience, Express) रखी गई थी।

🔬 नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों का कमाल: विज्ञान, गणित और भाषा पर बनाए इंटरएक्टिव मॉडल्स

प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण और प्रोजेक्ट्स:

  • विभिन्न विषयों की प्रस्तुति: विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, भाषा, कला और सामाजिक विज्ञान से जुड़े जटिल सिद्धांतों को आकर्षक वर्किंग मॉडल और कलाकृतियों के जरिए समझाया।

  • इंटरएक्टिव गेम्स: छात्रों द्वारा तैयार किए गए गणितीय व वैज्ञानिक इंटरएक्टिव गेम्स पूरी प्रदर्शनी का मुख्य केंद्र रहे, जिन्होंने आगंतुकों को बांधे रखा।

  • प्रयोगात्मक सोच: नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों ने अपनी प्रयोगात्मक सोच और नवाचार का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों में दिखा भारी उत्साह: बच्चों के साथ मिलकर गेम्स में लिया भाग

कार्यक्रम का माहौल और अभिभावकों की प्रतिक्रिया:

“कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने छात्रों के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट्स और मॉडल्स को देखा, बल्कि कई इंटरएक्टिव एक्टिविटीज और गेम्स में खुद भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और नवाचार का माहौल बना रहा।”

💬 ‘किताबी ज्ञान के साथ प्रयोग भी जरूरी’: प्रधानाचार्या सुनीता अग्रिहोत्री ने बढ़ाया छात्रों का हौसला

शिक्षा में नवाचार का महत्व:

  • आत्मविश्वास में वृद्धि: विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता अग्रिहोत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।

  • व्यावहारिक शिक्षा: उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक प्रयोगों और रचनात्मक गतिविधियों के अवसर देना बेहद आवश्यक है।

  • सराहना: कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि और प्रधानाचार्या ने प्रतिभाशाली छात्रों और उनका मार्गदर्शन करने वाले शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

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