IMS Noida Law Orientation 2026: संवैधानिक मूल्यों और व्यावहारिक ज्ञान से बनेगी पहचान, आईएमएस में बोले पूर्व जस्टिस शम्भूनाथ श्रीवास्तव

सेक्टर-62 स्थित आईएमएस लॉ कॉलेज में नए सत्र का शुभारंभ। पूर्व न्यायाधीशों व कानून विशेषज्ञों ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र।

नोएडा : नोएडा के सेक्टर-62 स्थित IMS Law College में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के पहले दिन कानून और न्यायपालिका से जुड़े देश के प्रतिष्ठित अतिथियों और विशेषज्ञों ने नए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधि के क्षेत्र में अपार संभावनाओं, निरंतर अध्ययन, अनुशासन और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला।

⚖️ “कानून केवल करियर नहीं, समाज में न्याय और समानता का माध्यम”: पूर्व न्यायमूर्ति शम्भूनाथ श्रीवास्तव

विधिक विशेषज्ञों के विचार और प्रेरणादायी विचार:

  • मुख्य अतिथि का संबोधन: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति शम्भूनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि विधि शिक्षा केवल एक पेशे की तैयारी नहीं है, बल्कि यह समाज में संवैधानिक मूल्यों, न्याय और समानता को स्थापित करने का सशक्त माध्यम है।

  • अनुभवी दिग्गजों का मार्गदर्शन: दिल्ली ज्यूडिशियल अकादमी के पूर्व निदेशक मनमोहन शर्मा, उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता एवं लीगल एक्सपर्ट डॉ. के.एस. भाटी तथा रंजन कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को संवेदनशील और नैतिक अधिवक्ता बनने के लिए प्रेरित किया।

💡 “पुस्तकीय ज्ञान के साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान की क्षमता जरूरी”: वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता

संस्थान प्रबंधन का दृष्टिकोण:

“IMS Noida के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने कहा कि कानून के अध्ययन में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। छात्रों को समाज से जुड़कर सोचने और वास्तविक सामाजिक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। वहीं, सलाहकार प्रो. डॉ. जे.के. शर्मा ने न्याय की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।”

📚 विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की बारीकियों से कराया जा रहा अवगत

शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा:

  • भविष्य की संभावनाएं: IMS Law College की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान नए छात्रों को विधिक शिक्षा के नियमों, शैक्षणिक वातावरण और भविष्य के करियर विकल्पों से परिचित कराया जा रहा है।

  • व्यक्तित्व विकास: इस सत्र के माध्यम से छात्रों को तर्कशक्ति, नैतिकता और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण दिशा मिलेगी।

  • अधिकृत पोर्टल: प्रदेश में उच्च शिक्षा और विधिक शिक्षण संस्थानों के दिशा-निर्देशों के लिए उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।

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