Ghaziabad News Babita Sharma: संघर्ष के बाद चमकी किस्मत, तीन बच्चों की मां बबीता ने पीएम मोदी से प्रेरणा पाकर बढ़ाया कारोबार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में गाजियाबाद की बबीता शर्मा का जिक्र किया। पीएम स्वनिधि योजना से उन्होंने अपना कारोबार बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में गाजियाबाद की पथ विक्रेता बबीता शर्मा का विशेष रूप से उल्लेख कर हौसला बढ़ाया। बबीता ने डूडा से पीएम स्वनिधि ऋण लेकर खुद का रोजगार शुरू किया था।
लॉकडाउन में दुकान बंद हो गई थी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और मेहनत कर फिर से काम शुरू किया। इस तरह बबीता अन्य लोगों के लिए मिसाल बनीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बबीता शर्मा का जिक्र करते हुए बताया कि बबीता पहले सड़क किनारे पूजा सामग्री फूल, दीये, अगरबत्ती और नारियल आदि बेचकर परिवार की आजीविका में सहयोग करती थी। उन्हें पूंजी की जरूरत थी तो पीएम स्वनिधि योजना से आर्थिक सहायता मिली। उन्होंने अपने स्टॉल पर सामान बढ़ाया। कारोबार बढ़ा तो ग्राहक और आमदनी बढ़ी। धीरे-धीरे उनका छोटा स्टॉल एक दुकान में बदल गया। प्रधानमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का जीवंत उदाहरण बताया।
मेहनत कर अकेली 3 बच्चों को पाल रहीं
गाजियाबाद के लिए यह गर्व की बात है। बबीता शर्मा की कहानी दिखाती है कि छोटी-सी आर्थिक मदद और मेहनत मिलकर किसी छोटे कारोबार को भी आगे बढ़ा सकती है। बबीता ने डूडा से पहले 10 हजार, दूसरी बार में 20 हजार रुपये और तीसरी बार में 50 हजार रुपये का ऋण लिया था। वह नंदग्राम में मदर डेयरी के पास किराये की दुकान लेकर पूजा सामग्री बेचने का काम कर रही हैं। उन्होंने मेहनत के बल पर बड़े बेटे को पढ़ाकर नौकरी लायक बनाया। दो बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
जीवन संघर्ष से भरा रहा
बबीता का जीवन किसी संघर्ष से कम नहीं रहा। वर्ष 1997 में उनकी शादी बल्लभगढ़ में हुई थी। शादी के बाद तीन बेटे हुए। बेटों के जन्म के बाद पति से अनबन रहने लगी। उन्होंने बताया कि पति ज्यादा परेशान करने लगा तो परिवार ने मायके में बुला लिया। इसके बाद स्टॉल लगाकर पूजा सामग्री बेचने का काम शुरू किया। लॉकडाउन में यह काम बंद हो गया। लॉकडाउन के बाद फिर से काम की शुरुआत की।
इस तरह मिलता है ऋण
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) पीएम स्वनिधि योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराता है। पहली किस्त में 10 हजार रुपये का ऋण मिलता है। इसे 12 महीने में चुकाना होता है। पहला लोन समय पर जमा करने के बाद 20 से 25 हजार रुपये तक का ऋण फिर मिलता है। यह ऋण 18 महीने में जमा करना होता है। दूसरा लोन समय पर चुकाने पर 50 हजार रुपये तक का ऋण मिलता है। यह 36 महीने में देना होता है।