छात्रों के दो घंटे के धरने के बाद जागा प्रशासन, 3 साल से अटके साइंस लैब का निर्माण कार्य शुरू
भिवानी के सांगा गांव में राजकीय स्कूल में साइंस लैब न होने पर छात्रों का प्रदर्शन। छात्रों की एकजुटता देख प्रशासन ने दो घंटे में शुरू कराया काम।
अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की ओर से विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि अगले ढाई महीने के भीतर जैव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान लैब का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपनी बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं के लिए भी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सांगवान ने कहा कि साइंस लैब विद्यार्थियों की व्यावहारिक शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़ी बुनियादी सुविधा है। आज विद्यार्थियों की एकजुटता की जीत हुई है। प्रशासन ने दो घंटे में मौके पर पहुंचकर काम शुरू करवाया है लेकिन यह आंदोलन केवल आश्वासन मिलने तक सीमित नहीं रहेगा। लैब निर्माण की गुणवत्ता और काम की गति पर लगातार नजर बनाए रखेंगे।
तय समय सीमा में लैब तैयार नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। करीब एक सप्ताह पहले किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश भिवानी ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सांगा पहुंचकर विद्यार्थियों और ग्रामीणों से मुलाकात की और तीन साल से अधर में पड़े साइंस लैब निर्माण को लेकर प्रशासन को जल्द कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
सीजेपी के सदस्य सुमित गिल ने कहा कि विद्यार्थियों की एकजुटता ने प्रशासन को महज दो घंटे में कार्रवाई के लिए मजबूर किया है। सांगा का यह आंदोलन केवल एक साइंस लैब का मुद्दा नहीं है बल्कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की लड़ाई है। धरने के दौरान पूर्व सरपंच कृष्ण, पूर्व सरपंच सतपाल, रमेश लाठर, दीपक शर्मा, ललित सहित अनेक विद्यार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे।