गाजियाबाद के लोनी में 3 लाख संपत्तियों का होगा ड्रोन सर्वे, हर प्रॉपर्टी को मिलेगा यूनिक आईडी नंबर
गाजियाबाद के लोनी में ड्रोन कैमरों से होगा 3 लाख इमारतों और जमीनों का डिजिटल सर्वे। प्रॉपर्टी टैक्स और नागरिक सुविधाएं होंगी बेहतर।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी नगर पालिका क्षेत्र की करीब तीन लाख इमारतों, दुकानों और खाली जमीनों का अब ड्रोन कैमरों से डिजिटल सर्वे कराया जाएगा। अनियोजित तरीके से बसी कॉलोनियों में नागरिक सुविधाएं दुरुस्त करने और सभी को प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लाने के लिए जीआईएस व जीपीएस आधारित मैपिंग कराई जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद हर संपत्ति को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईडी) दिया जाएगा।
लोनी में लंबे समय से अवैध कॉलोनियां बसाने का काम चल रहा है। कृषि भूमि पर बनी इन कॉलोनियों में सीवर, पानी की पाइपलाइन और सड़कों का ढाल सही न होने से स्थानीय निवासी जलभराव की समस्या से परेशान रहते हैं। फिलहाल पालिका केवल 1.43 लाख भवनों से ही सालाना लगभग 18 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स वसूल पाती है, जबकि संपत्तियों की संख्या तीन लाख से अधिक है।
सभी 55 वार्डों में छूटी हुई सुविधाओं का आकलन करने और सभी को प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में लाने के लिए डिजिटल सर्वे कराया जाएगा। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी ने बताया कि इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द से जल्द फर्म चयनित कर इसी अक्टूबर या नवंबर तक सर्वे का काम शुरू कराने का लक्ष्य है। इसे एक साल में पूरा किया जाएगा।
लोकेशन ट्रैक करना होगा आसान
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि डिजिटल सर्वे से शहर का 3डी नक्शा तैयार किया जाएगा। संकरी गलियों वाले इलाकों में आगजनी या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस रास्ता भटक जाती हैं। यूआईडी के साथ जीपीएस लोकेशन ऐप पर दर्ज हो जाने से आपातकालीन वाहन बिना समय गंवाए सीधे मौके पर पहुंच सकेंगे। चयनित फर्म एक साल में सर्वे पूरा करेगी, जिसके बाद यूआईडी दिए जाएंगे। इस दौरान फर्म दूसरे साल में सॉफ्टवेयर का रखरखाव करेगी ताकि प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।
अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण पर रोक लगेगी
सर्वे के दौरान ड्रोन और जीपीएस डेटा की मदद से पालिका क्षेत्र की हर जमीन का सटीक सीमांकन किया जाएगा। इसमें झील, तालाब, हरित पट्टी, औद्योगिक क्षेत्र, बंजर भूमि और चकरोड का अलग-अलग वर्गीकरण होगा। कहीं भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण होते ही तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। पालिका यह पूरा डिजिटल डेटा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के साथ भी साझा करेगी, जिससे कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटने वाले भूमाफिया पर रोक लग सकेगी।
रखरखाव बेहतर होगा
लोनी में फिलहाल 1.43 लाख संपत्तियों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा रहा है। सर्वे के बाद इनकी संख्या दोगुने से भी अधिक हो जाएगी। दायरा बढ़ने से पालिका के राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव बेहतर हो सकेगा। इसके साथ ही पानी, सीवर और पक्की सड़कों जैसी मूलभूत सुविधाओं से छूटे इलाकों का भी पता चल जाएगा। इनमें प्राथमिकता से विकास कार्य कराए जा सकेंगे।