दो बच्चों का भाग्य बदला, मिला विदेशी परिवार; फ्रांस और इटली से गोद लेने आएंगे दंपत्ति
गाजियाबाद के घरौंदा बाल आश्रम में रहने वाले दो अनाथ बच्चों को फ्रांस और इटली के परिवारों ने गोद लिया है। एक महीने बाद दोनों परिवार बच्चों को लेने आएंगे।
गाजियाबाद के घरौंदा बाल आश्रम में पिछले कुछ सालों से रहे रहे दो बच्चों को गोद लेने की विदेशी परिवारों ने इच्छा जताई है। अब फ्रांस और इटली से दोनों परिवार एक महीने बाद दोनों बच्चों को लेने के लिए आएंगे। आश्रम से मिली जानकारी के अनुसार दोनों बच्चों को नियमानुसार गोद देने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। विदेश में रहने वाले परिवारों ने बच्चों को गोद लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की है। अब दोनों परिवारों को बच्चों को सौंपा जाएगा।
आश्रम के संचालक ओंकार सिंह ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर एक बच्चा मिला था। परिवार की जानकारी न मिलने पर बच्चे की देखभाल के लिए आश्रम लाया गया। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे अब नए परिवार तक पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए गए। ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्हें आश्रम में संरक्षण मिलने के बाद उनका परिवार मिला या उन्हें दत्तक परिवार सौंपा गया। संचालक ने बताया कि इस बच्चा इटली के परिवार ने गोद लिया है। यह बच्चा पहली कक्षा में पढ़ाई करता है और इसकी उम्र आठ साल है। वहीं, दूसरा बच्चे की उम्र छह साल है। यह एक वर्ष पहले कविनगर क्षेत्र से मिला था। इसको फ्रांस के परिवार ने गोद लिया है। बता दें कि आश्रम से 100 बच्चे भारत के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी दत्तक परिवारों तक पहुंच चुके हैं।
2 साल तक तक जानकारी ली जाएगी
आश्रम की ओर से इन बच्चों का दो वर्ष तक फॉलोअप (निगरानी) लिया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि बच्चा नए परिवार में किस तरह रह रहा या उसकी देखभाल ठीक से हो रही है या नहीं। बच्चे की स्थिति और परिवार के साथ उसके समायोजन की जानकारी लेने के लिए फॉलोअप लिया जाता है।
1000 बच्चों को परिवार से मिलाया जा चुका
आश्रम संचालक ओंकार सिंह के मुताबिक आश्रम से अब तक करीब एक हजार बच्चों को उनके वास्तिवक (बायोलॉजिकल) परिजनों से मिलवाया जा चुका। आश्रम में आने वाले बच्चों की पहचान और उनके परिवार की तलाश के लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है। वहीं, जिन बच्चों के परिवार का पता नहीं चल पाता, उन्हें दूसरे परिवारों को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।