उत्तराखंड के रामनगर से सामने आया दिल दहला देने वाला वीडियो, मां की ममता देख हो जाएंगे भावुक
उत्तराखंड के कॉर्बेट लैंडस्केप में कोसी नदी के तेज बहाव में बहे नन्हे हाथी को मां ने सूंड के सहारे बचाया। देखें वीडियो।
उत्तराखंड में रामनगर कॉर्बेट लैंडस्केप से होकर गुजर रही कोसी नदी से एक रोमांचक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. यह वीडियो एक मादा हाथी का है, जो कोसी की तेज धार में बहर रहे अपने बच्चे के लिए नदी में कूद पड़ती है और अपनी सूंड का सहारा देकर बच्चे को बचा लेती है. यह वीडियो वहां मौजूद किसी पर्यटक ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे में कैद कर लिया. अब मां की ममता को प्रदर्शित करने वाला यही वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है.
बताया जा रहा है कि रामनगर के रिंगौड़ा क्षेत्र में हाथियों का झुंड कोसी नदी पार कर रहा था. झुंड में शामिल एक बेहद नन्हा हाथी अचानक नदी के तेज बहाव के साथ बहने लगा. करीब एक महीने से भी कम समय का यह बच्चा हाथी खुद को संभाल नहीं पा रहा था और पानी की धार के साथ काफी दूर तक चला गया. तभी हरकत में आई उसकी मां ने लपककर आगे आई और अपनी सूंड का सहारा देकर उसे नन्हे हाथी को संभाला. फिर उसे बहाव से निकालते हुए सुरक्षित किनारे की ओर ले आई.
भावुक था पूरा घटनाक्रम
एक मां द्वारा अपने बच्चे के रेस्क्यू का यह पूरा घटनाक्रम इतना भावुक था कि इसे देखने के लिए हर कोई कुछ पलों के लिए ठहर गया. इस अद्भुत दृश्य को प्रसिद्ध वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और वन्यजीव प्रेमी दीप रजवार ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है. दीप रजवार के मुताबिक हाथियों के इस झुंड में तीन बच्चे शामिल थे. इनमें दो बच्चे अपेक्षाकृत बड़े थे और वे कोसी नदी को पार करने में सफल रहे. लेकिन तीसरा बच्चा बेहद छोटा और नवजात था. उसकी उम्र एक महीने से भी कम आंकी जा रही है.
बच्चा हाथी ने ऐसे की पुकार
नदी के तेज धार में जब यह बच्चा हाथी बहने लगा तो उसने सूंड उठाकर अपनी मां की तरफ संकेत किया. उसे इस हाल में देखकर मां ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी और बच्चे को बचाने के लिए खुद नदी की धार में तैरने लगी. इस प्रकार यह क्षण पूरे वीडियो का सबसे भावुक हिस्सा बन गया. दीप रजवार कहते हैं कि यह दृश्य सिर्फ एक वन्यजीव घटना नहीं, बल्कि मां और बच्चे के बीच मौजूद उस गहरे रिश्ते की तस्वीर है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. जंगल में ऐसे दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं.
मजबूत होता है सामाजिक संबंध
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला बताते हैं कि हाथियों को उनकी मातृत्व क्षमता और मजबूत सामाजिक संबंधों के लिए जाना जाता है. हाथियों के झुंड का नेतृत्व सामान्यतः मादा हाथियां करती हैं और बच्चों की सुरक्षा में मां के साथ झुंड की दूसरी मादा हाथियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. डॉ. बडोला के मुताबिक इस तरह की घटनाएं हाथियों के बीच बच्चों के प्रति गहरे लगाव और समूह में एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती हैं.