बंद कमरे और एसी का ज्यादा इस्तेमाल फेफड़ों के लिए खतरनाक? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

क्या एसी में रहने से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है? जानिए बंद कमरे में वेंटिलेशन न होने से होने वाली समस्याएं और डॉक्टर की सलाह।

दिनभर एसी में रहना और कमरे में वेंटिलेशन के नहीं होने के कारण फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है. एसी सीधे हमारे लंग्स को नुकसान नहीं पहुंचाता लेकिन अगर वेंटिलेशन का ध्यान न रखा जाए तो फेफड़ों की सेहत पर फर्क पड़ता है. चलिए आपको डॉक्टर के जरिए समझाते हैं…

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<b>World Lung Day</b>- हर साल 25 सितंबर को विश्व फेफड़ा दिवस मनाया जाता है. ये दिन लोगों को लंग्स की सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है. प्रदूषण और खराब खानपान की वजह से फेफड़ों की बिगड़ी सेहत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इनमें से एक लगातार एसी का यूज भी है.

World Lung Day– हर साल 25 सितंबर को विश्व फेफड़ा दिवस मनाया जाता है. ये दिन लोगों को लंग्स की सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है. प्रदूषण और खराब खानपान की वजह से फेफड़ों की बिगड़ी सेहत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इनमें से एक लगातार एसी का यूज भी है.

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<b>बंद कमरे वाले एसी में रहना</b>- डॉक्टर अजीत कुमार (मेडिसिन विभाग, दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल) कहते हैं कि हां, कम वेंटिलेशन वाले बंद कमरे में लंबे समय तक रहना हवा की क्वालिटी खराब कर सकता है, खासकर जब धूल, धुआं, एलर्जी पैदा करने वाले कण या प्रदूषक अंदर जमा होते रहें.

बंद कमरे वाले एसी में रहना– डॉक्टर अजीत कुमार (मेडिसिन विभाग, दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल) कहते हैं कि हां, कम वेंटिलेशन वाले बंद कमरे में लंबे समय तक रहना हवा की क्वालिटी खराब कर सकता है, खासकर जब धूल, धुआं, एलर्जी पैदा करने वाले कण या प्रदूषक अंदर जमा होते रहें.

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<b>एसी खुद नहीं पहुंचाता नुकसान</b>- डॉक्टर कहते हैं कि एसी खुद भी फेफड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन एसी वाले कमरे में ताजी हवा का पर्याप्त आना-जाना न हो तो समस्या बढ़ सकती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि कोशिश करें कि ऐसे रूम में वेंटिलेशन हो. क्योंकि हवा के पास न होने से धूल-कण कमरे में ही मौजूद रहते हैं और शरीर में जमा होते हैं.

एसी खुद नहीं पहुंचाता नुकसान– डॉक्टर कहते हैं कि एसी खुद भी फेफड़ों को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन एसी वाले कमरे में ताजी हवा का पर्याप्त आना-जाना न हो तो समस्या बढ़ सकती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि कोशिश करें कि ऐसे रूम में वेंटिलेशन हो. क्योंकि हवा के पास न होने से धूल-कण कमरे में ही मौजूद रहते हैं और शरीर में जमा होते हैं.

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<b>होने लगती हैं ये दिक्कतें</b>- डॉक्टर अजीत ने इस गलती की वजह से कौन सी दिक्कतें होती हैं ये भी बताया. उनके मुताबिक इससे कुछ लोगों को खांसी, गले में जलन, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि समय-समय पर एस फिल्टर साफ करें और वेंटिलेशन रखें.

होने लगती हैं ये दिक्कतें– डॉक्टर अजीत ने इस गलती की वजह से कौन सी दिक्कतें होती हैं ये भी बताया. उनके मुताबिक इससे कुछ लोगों को खांसी, गले में जलन, सांस लेने में परेशानी और एलर्जी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि समय-समय पर एस फिल्टर साफ करें और वेंटिलेशन रखें.

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<b>इस चीज का रखें ख्याल</b>- अगर आपके कमरे में एसी लगातार चलता है और वहां सीलन या फंफूदी लगी हुई है तो इसे भूल से भी नजरअंदाज न करें. ये सिचुएशन लंबे समय तक बनी रहे तो बॉडी में एलर्जी की समस्या बन सकती है. इसके अलावा सीलन से ह्यूमिडिटी बढ़ती है.

इस चीज का रखें ख्याल– अगर आपके कमरे में एसी लगातार चलता है और वहां सीलन या फंफूदी लगी हुई है तो इसे भूल से भी नजरअंदाज न करें. ये सिचुएशन लंबे समय तक बनी रहे तो बॉडी में एलर्जी की समस्या बन सकती है. इसके अलावा सीलन से ह्यूमिडिटी बढ़ती है.

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