जमीन विवाद में खूनी संघर्ष मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, 6 दोषियों को उम्रकैद और 3 को 5 साल की सजा
कैथल के डीग गांव में जमीन विवाद और हत्या मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 6 को उम्रकैद और 3 को सजा सुनाई।
कैथल : पुंडरी थाना क्षेत्र के गांव डीग में 4 फरवरी 2022 को जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है। हत्या के मामले में धनपत, अंकित, बलिंदर, राजीव, कंवर भान और अमित को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने प्रत्येक पर 1.50 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि मृतक अंकित के परिवार को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं। वहीं इसी घटनाक्रम से जुड़े हमले के मामले में जगदेव, विकास और सुल्तान को 5-5 साल की कैद और 71-71 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई।
मामले की पैरवी सरकार की ओर से सरकारी वकील कुलदीप गर्ग ने की। हत्या केस में अभियोजन ने 18 और हमले के केस में 16 गवाह पेश किए। अदालत ने रिकॉर्ड पर आए साक्ष्यों के आधार पर नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई।
जमीन को लेकर था विवाद
सरकारी वकील कुलदीप गर्ग के अनुसार विवाद जगदेव की ओर से अपनी बहन आरती के नाम खरीदी गई जमीन को लेकर शुरू हुआ था। जमीन उसी खेवट में थी, जिसमें धनपत की जमीन भी थी। 4 फरवरी को जगदेव और उसके साथी उसके कार्यालय में जमा हुए थे। अभियोजन के अनुसार विकास के पास रिवॉल्वर और डबल बैरल बंदूक थी।
कार्यालय में कहासुनी के बाद निर्माणाधीन मकान पर पहुंचे
अभियोजन के अनुसार राजीव जगदेव के कार्यालय पहुंचा और वहां गाली-गलौज हुई। इसके बाद जगदेव और उसके साथी धनपत व होशियार सिंह के निर्माणाधीन मकान की ओर चले गए। आरोप है कि उनके पास हथियार थे। इसी दौरान विकास ने पांच फायर किए। ग्रामीणों के बीच-बचाव के बाद जगदेव और उसके साथी वहां से पीछे हटने लगे।
पीछा कर अंकित को पकड़ा, मारपीट में मौत
अभियोजन के मुताबिक इसके बाद धनपत और उसके साथियों ने आरोपियों का पीछा किया और अंकित को पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की।
हत्या केस में 18 गवाहों की गवाही
अदालत में अभियोजन ने हत्या के मामले में 18 गवाहों को पेश किया। सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने धनपत, अंकित, बलिंदर, राजीव, कंवर भान और अमित को दोषी माना। सभी को उम्रकैद के साथ 1.50-1.50 लाख रुपए जुर्माने की सजा दी गई। जुर्माने की राशि मृतक के परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
हमले के केस में धनपत और शीला देवी को फ्रैक्चर
जुड़े हुए हमले के मामले में जगदेव, विकास और सुल्तान को दोषी ठहराया गया। अभियोजन के अनुसार तीनों ने धनपत, राजीव, शीला देवी और हिरके राम पर हमला किया था। घटना में धनपत और शीला देवी को फ्रैक्चर हुआ था। इस मामले में अभियोजन ने 16 गवाह पेश किए। कोर्ट ने तीनों को 5-5 साल की कैद और 71-71 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
एक आरोपी की मौत, दो का ट्रायल जारी
मामले में आरोपी अंकुश की ट्रायल के दौरान मौत हो गई। वहीं रिंकू और दीपक को बाद में गिरफ्तार किया गया। दोनों का ट्रायल अभी अदालत में चल रहा है। इन दोनों की कार्यवाही वर्तमान मामले में दोषी ठहराए गए नौ आरोपियों की सजा से अलग है।