पंचकूला के देवीलाल स्टेडियम में होगा नमो क्रिकेट लीग का भव्य समापन, तरुण भंडारी संभाल रहे कमान

पंचकूला के देवीलाल स्टेडियम में 4 अक्टूबर को होगा नमो क्रिकेट लीग का ग्रैंड फिनाले। 21 लाख रुपये की प्राइज मनी और ड्रोन शो बनेगा आकर्षण।

चंडीगढ़ : हजारों खिलाड़ी, हजारों मुकाबले, 32 जोन और अब पंचकूला के देवीलाल स्टेडियम में होने वाला भव्य ग्रैंड फिनाले… नमो क्रिकेट लीग अब अपने सबसे रोमांचक मुकाम पर पहुंच रही है। 28 सितंबर से दूसरे राउंड की शुरुआत होगी और चार अक्टूबर को क्रिकेट के इस विशाल आयोजन का फाइनल मुकाबला और समापन समारोह होगा। इस पूरे आयोजन के केंद्र में एक नाम लगातार सक्रिय है—तरुण भंडारी।

नमो क्रिकेट लीग को इतने बड़े स्तर पर खड़ा करने, अलग-अलग क्षेत्रों की टीमों को जोड़ने, खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता का प्रारूप तैयार करने और अब दूसरे राउंड से लेकर ग्रैंड फिनाले तक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में तरुण भंडारी की भूमिका प्रमुख है। पिछले कई दिनों से वह आयोजन की तैयारियों को लेकर लगातार सक्रिय हैं। मैदान की व्यवस्था से लेकर खिलाड़ियों, अतिथियों, पुरस्कारों और समापन समारोह के आकर्षण तक, हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। चार अक्टूबर को पंचकूला का देवीलाल स्टेडियम इस पूरे क्रिकेट अभियान का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है।

28 सितंबर को दूसरा राउंड, 4 अक्टूबर को फाइनल
नमो क्रिकेट लीग के दूसरे राउंड का उद्घाटन 28 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। इसके बाद मुकाबले निर्णायक चरण में प्रवेश करेंगे। समापन समारोह को सामान्य पुरस्कार वितरण कार्यक्रम से अलग और यादगार बनाने की तैयारी है।

तरुण भंडारी के अनुसार देवीलाल स्टेडियम में विशाल ड्रोन शो भी आयोजित किया जाएगा। खेल के मैदान के साथ आसमान में होने वाली यह प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। यही वजह है कि भंडारी की टीम इस समय केवल क्रिकेट मैचों की तैयारी नहीं कर रही, बल्कि पूरे फिनाले को एक बड़े स्पोर्ट्स फेस्टिवल का रूप देने में जुटी है।

3400 टीमों और 54 हजार खिलाड़ियों का दावा
आयोजकों के अनुसार नमो क्रिकेट लीग में करीब 3400 टीमें और 54 हजार खिलाड़ी नॉकआउट प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता को 32 जोन में विभाजित किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में टीमों को एक साथ प्रतियोगिता से जोड़ना अपने आप में बड़ी आयोजन चुनौती है। पांच-पांच ओवर के प्रारूप को इसी तरह तैयार किया गया है कि कम समय में ज्यादा से ज्यादा मुकाबले कराए जा सकें और खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।

तरुण भंडारी के लिए यह आयोजन केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक बड़े जन-अभियान का स्वरूप ले चुका है। अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाकर खेल के माध्यम से युवाओं में प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

गांव-कस्बों से निकले खिलाड़ी, पंचकूला में बड़ा मंच
नमो क्रिकेट लीग की खासियत यह है कि इसका दायरा केवल स्थापित क्रिकेट क्लबों या चुनिंदा खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रखा गया। बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर की टीमों और खिलाड़ियों को भी इसमें भाग लेने का अवसर मिला है। यही वह पहलू है जिसे तरुण भंडारी आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनाते हैं।

उनका प्रयास है कि क्रिकेट की प्रतिभा केवल बड़े शहरों या प्रसिद्ध अकादमियों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के युवाओं को भी बड़े मंच पर खेलने का मौका मिले। कई खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता पहली बार ऐसा अवसर लेकर आई है, जहां उन्हें बड़ी संख्या में टीमों के बीच अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है।

21 लाख की ट्रॉफी रेस ने बढ़ाया रोमांच
प्रतियोगिता के दूसरे राउंड में पुरस्कार राशि भी खिलाड़ियों के लिए बड़ा आकर्षण है। विजेता टीम को 21 लाख रुपये, उपविजेता को 11 लाख रुपये, तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 5 लाख रुपये और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को ढाई लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिक कार, मोटरसाइकिल, लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित अनेक पुरस्कार भी रखे गए हैं।पहले राउंड में भी प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम के लिए 31 हजार रुपये और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के लिए 21 हजार रुपये का पुरस्कार रखा गया है। इस तरह प्रतियोगिता में शुरुआत से लेकर फाइनल तक खिलाड़ियों के लिए पुरस्कारों की पूरी श्रृंखला तैयार की गई है।

आयोजन क्षमता का असली टेस्ट अब
नमो क्रिकेट लीग का पहला चरण पूरा होने के बाद अब तरुण भंडारी और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूसरे राउंड और ग्रैंड फिनाले को सफलतापूर्वक पूरा करने की है। हजारों खिलाड़ियों के बीच मुकाबले कराना, टीमों का समन्वय, मैदान की व्यवस्थाएं, आवागमन, अतिथियों की व्यवस्था, पुरस्कार वितरण, सुरक्षा और समापन समारोह—इन सभी मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा।
भंडारी पिछले दिनों लगातार आयोजन से जुड़े लोगों और टीमों के साथ बैठकें कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि खिलाड़ी मैदान पर उतरें तो उन्हें किसी तरह की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े और दर्शकों को भी एक बड़े खेल आयोजन का अनुभव मिले।

क्रिकेट के साथ नशे के खिलाफ अभियान
नमो क्रिकेट लीग की पूरी अवधारणा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नशे के खिलाफ जागरूकता है। तरुण भंडारी इसे युवाओं तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने का माध्यम मानते हैं। उनका जोर है कि जिस उम्र में युवा नशे की ओर आकर्षित हो सकते हैं, उसी उम्र में उन्हें खेल के मैदान तक पहुंचाया जाए। क्रिकेट में टीम भावना, अनुशासन, फिटनेस और लक्ष्य के लिए संघर्ष जैसी खूबियां हैं। इसी कारण लीग को नशा मुक्ति के संदेश के साथ जोड़ा गया है। इस अभियान का संदेश सीधा है—युवा मैदान में रहें, खेलें और नशे से दूर रहें।

17 सितंबर से शुरू हुआ सफर अब फाइनल की ओर
नमो क्रिकेट लीग का उद्घाटन 17 सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किया गया था। इसके बाद विभिन्न जोन में प्रतियोगिता का आयोजन हुआ और बड़ी संख्या में टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। अब प्रतियोगिता का सफर दूसरे राउंड तक पहुंच गया है। 28 सितंबर से शुरू होने वाला यह चरण उन टीमों के लिए निर्णायक होगा, जिन्होंने शुरुआती मुकाबलों में अपनी जगह बनाई है। चार अक्टूबर को जब फाइनल मुकाबला देवीलाल स्टेडियम में होगा तो हजारों खिलाड़ियों की मेहनत का अंतिम परिणाम सामने आएगा।

क्रिकेट सितारों और फिल्मी चेहरों से सजेगा फिनाले
ग्रैंड फिनाले को आकर्षक बनाने के लिए क्रिकेट, मनोरंजन और आध्यात्मिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों को जोड़ने की तैयारी है। क्रिकेट जगत से क्रिस गेल, सुरेश रैना, माइकल क्लार्क और जोगिंदर शर्मा के पहुंचने की संभावना है। मनोरंजन जगत से रकुल प्रीत सिंह, जैकी भगनानी, मनकीरत औलख, मासूम शर्मा और सपना चौधरी सहित कई नामों के आने की चर्चा है। आध्यात्मिक क्षेत्र से भी कई प्रमुख संतों और धार्मिक हस्तियों को आमंत्रित किए जाने की जानकारी है। इन सभी चेहरों की मौजूदगी का अंतिम कार्यक्रम आयोजन समिति की ओर से तय किया जाएगा, लेकिन तैयारियों से साफ है कि समापन समारोह को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने की योजना है।

देवीलाल स्टेडियम में दिखेगा आयोजन का पूरा आकार
चार अक्टूबर को देवीलाल स्टेडियम में केवल विजेता टीम का फैसला नहीं होगा, बल्कि नमो क्रिकेट लीग के पूरे सफर का समापन होगा। मैदान में फाइनल मुकाबला, मंच पर पुरस्कार वितरण और आसमान में ड्रोन शो—इन तीनों को एक साथ जोड़कर समारोह को यादगार बनाने की तैयारी है। तरुण भंडारी का लक्ष्य इस आयोजन को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय इसे ऐसी खेल गतिविधि के रूप में स्थापित करना है, जिसमें खिलाड़ी, दर्शक और युवा सभी जुड़ सकें।

तरुण भंडारी के लिए ‘इवेंट मैनेजमेंट’ से आगे की चुनौती
नमो क्रिकेट लीग ने तरुण भंडारी की आयोजन क्षमता को भी बड़े पैमाने पर सामने रखा है। इतने बड़े स्तर पर क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करना केवल मंच और मैदान तैयार करने तक सीमित नहीं होता। हजारों टीमों और खिलाड़ियों के साथ समन्वय, अलग-अलग जोन में मुकाबलों का संचालन, समयबद्ध कार्यक्रम, पुरस्कार व्यवस्था और फाइनल तक टीमों को पहुंचाना—हर स्तर पर लगातार निगरानी की जरूरत होती है। यही कारण है कि अंतिम चरण में भंडारी की सक्रियता और बढ़ गई है। उनकी कोशिश है कि प्रतियोगिता के अंतिम दो चरणों में किसी भी स्तर पर आयोजन की गति प्रभावित न हो।

अब नजर 4 अक्टूबर पर
28 सितंबर को दूसरा राउंड शुरू होने के साथ नमो क्रिकेट लीग अपने अंतिम पड़ाव में प्रवेश करेगी। इसके बाद सभी की नजरें पंचकूला के देवीलाल स्टेडियम पर रहेंगी। कौन सी टीम 21 लाख रुपये की विजेता राशि अपने नाम करती है, कौन खिलाड़ी व्यक्तिगत पुरस्कार हासिल करता है और कौन सी टीम अंतिम मुकाबले में बाजी मारती है—इन सवालों के जवाब चार अक्टूबर को मिलेंगे। लेकिन इससे पहले एक सवाल का जवाब भी मैदान देगा—इतने बड़े स्तर पर तैयार की गई इस क्रिकेट लीग का ग्रैंड फिनाले कितना भव्य होता है।

तरुण भंडारी के लिए यह केवल आयोजन का अंतिम दिन नहीं होगा, बल्कि पिछले कई सप्ताह से चल रही तैयारियों, हजारों खिलाड़ियों और सैकड़ों टीमों से जुड़े इस पूरे अभियान की अंतिम परीक्षा होगी। क्रिकेट, युवा ऊर्जा और नशे के खिलाफ संदेश को एक मंच पर लाने वाली नमो क्रिकेट लीग अब अपने निर्णायक मोड़ पर है।

28 सितंबर से दूसरा राउंड शुरू होगा और चार अक्टूबर को पंचकूला का देवीलाल स्टेडियम उस सफर के सबसे बड़े अध्याय का गवाह बनेगा। इस पूरे आयोजन की कमान संभाल रहे तरुण भंडारी की आयोजन क्षमता पर भी इसी दिन अंतिम मुहर लगेगी।

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