छोटा कोट कछुआ गांव में आवारा कुत्तों ने मासूम को बनाया शिकार, हालत गंभीर होने पर PGI चंडीगढ़ रेफर

अंबाला में आवारा कुत्तों के झुंड ने 9 साल के बच्चे पर जानलेवा हमला कर दिया है। बच्चे के शरीर पर 30 से अधिक घाव हैं, जिसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

हरियाणा के अंबाला में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब मासूम बच्चों की जिंदगी पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। बुधवार शाम अंबाला छावनी से सटे छोटा कोट कछुआ गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 10 से 15 खूंखार कुत्तों के झुंड ने 9 साल के बच्चे अशोक पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। कुत्तों ने मासूम को नीचे गिराकर उसके चेहरे, होंठ, सिर और टांगों को बुरी तरह नोच डाला। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने लाठी-डंडों की मदद से कुत्तों को खदेड़कर उसकी जान बचाई।

👦 छोटे भाई की सूझबूझ से बची जान, खेत में काम कर रही मां के उड़े होश

मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले भरोसी राम का परिवार पिछले दो वर्षों से छोटा कोट कछुआ गांव में एक किसान के खेत पर रहकर मजदूरी करता है। उनका 9 साल का बेटा अशोक पास के ही सरकारी स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। घटना के वक्त पिता काम पर थे और मां रंजू देवी पास ही घास काट रही थी। अचानक छोटा भाई आदित्य भागता हुआ मां के पास पहुंचा और उसने भैया को कुत्तों द्वारा घेरे जाने की बात बताई। मां जब मौके पर पहुंची तो 15 कुत्तों को अपने बेटे को घसीटते देख सन्न रह गई। शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और बच्चे को बचाया।

🏥 शरीर पर मिले 30 से अधिक गहरे घाव, चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी के लिए PGI चंडीगढ़ रेफर

लहूलुहान हालत में बच्चे को अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर मोहित पाठक ने बताया कि बच्चे की छाती और कमर को छोड़कर पूरे शरीर पर 30 से अधिक गहरे जख्म हैं। चेहरे और होंठों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे प्लास्टिक सर्जरी के लिए पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। अनजान शहर और पैसों की कमी के कारण बेबस मां अस्पताल परिसर में लोगों से मदद की गुहार लगाती नजर आई, जिसके बाद अस्पताल कर्मियों की मदद से रात को एम्बुलेंस द्वारा बच्चे को चंडीगढ़ रवाना किया गया।

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