राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत पुलिस का अभियान, 50 हजार छात्रों को किया जाएगा जागरूक
भिवानी पुलिस साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रही है। छात्रों और नागरिकों को 'गोल्डन ऑवर' और 1930 हेल्पलाइन के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
भिवानी जिला पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से आम जनता और युवाओं को बचाने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। अक्टूबर माह को ‘राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह’ के रूप में मनाते हुए पुलिस टीम स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है। पुलिस अधीक्षक भिवानी मयंक मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य करीब 50 हजार विद्यार्थियों व युवाओं को साइबर ठगी के तौर-तरीकों और उससे बचाव के उपायों के प्रति सजग करना है।
📞 ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व और 1930 हेल्पलाइन: ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रुक सकती है राशि का हस्तांतरण
अभियान के दौरान साइबर क्राइम थाने के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी होने के तुरंत बाद यदि पीड़ित 1930 सहायता नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा देता है, तो ठगी गई रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में काफी मदद मिलती है। त्वरित शिकायत से बैंक खातों और भुगतान मंचों पर तुरंत रोक लगाई जा सकती है, जिससे पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ठगी होने पर व्हाट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट और संदिग्ध मोबाइल नंबर जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखें।
⚠️ सतर्कता ही बचाव है: अनजान लिंक, ओटीपी और रिमोट एक्सेस ऐप्स से रहने की अपील
पुलिस प्रवक्ता अभिषेक यादव और अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी या बैंक की गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या फर्जी पुलिस/सरकारी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करने वाले ठगों से सावधान रहने की जरूरत है। पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने कहा कि बच्चों के माध्यम से यह जागरूकता उनके परिवारों और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचेगी, जिससे पूरा जिला सुरक्षित हो सकेगा।