भारतीय पुरुष हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत, प्रीतम सिवाच और कुलदीप सिवाच के बेटे ने बिखेरा जलवा
एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम की स्वर्ण पदक जीत में सोनीपत के यशदीप सिवाच ने अहम भूमिका निभाई है। माता-पिता दोनों रहे हैं दिग्गज खिलाड़ी।
एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी टीमों के शानदार प्रदर्शन ने सोनीपत के प्रसिद्ध सिवाच परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और मशहूर कोच प्रीतम सिवाच की खुशी उस समय सातवें आसमान पर पहुँच गई, जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी फाइनल मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा कोई और नहीं, बल्कि खुद प्रीतम सिवाच और कुलदीप सिवाच के लाडले बेटे यशदीप सिवाच हैं, जिनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
🌟 हॉकी की विरासत और कड़ी मेहनत: नौवीं क्लास से थामी थी स्टिक, आज देश के लिए बने गोल्ड मेडल विजेता
यशदीप सिवाच का हॉकी से नाता बचपन से ही जुड़ा रहा है, क्योंकि उनके घर में खेल का पूरा माहौल था। उनके पिता कुलदीप सिवाच भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं, जबकि माता प्रीतम सिवाच भारतीय महिला टीम की कप्तान रह चुकी हैं। घर के इसी माहौल से प्रेरणा लेते हुए यशदीप ने नौवीं कक्षा में पहली बार हॉकी स्टिक थामी और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर नेशनल कैंप से होते हुए भारतीय टीम तक का सफर तय किया। पिछले करीब छह वर्षों से भारतीय टीम का हिस्सा रहे यशदीप इससे पहले जूनियर विश्व कप और वर्ल्ड कप जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
🏅 ओलंपिक का टिकट पक्का: प्रीतम सिवाच अकादमी में होगा विजेता खिलाड़ियों का भव्य स्वागत
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आगामी ओलंपिक के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। माता-पिता का कहना है कि हॉकी उनके परिवार के लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा है। बेटे की इस बड़ी उपलब्धि से पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है। एशियन गेम्स से स्वदेश लौटने पर यशदीप और अन्य विजेता खिलाड़ियों का सोनीपत स्थित प्रीतम सिवाच अकादमी में जोरदार और भव्य स्वागत किया जाएगा।