पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने दी ‘ई-भूमि’ व्यवस्था की जानकारी, दूर होगी भूमि अधिग्रहण की अड़चन
हरियाणा सरकार ने सड़क परियोजनाओं के लिए 'ई-भूमि' पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए जमीन मालिक खुद अपनी मर्जी से विकास कार्यों के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव दे सकेंगे।
किसी भी सड़क परियोजना या विकास कार्य के लिए बजट और नक्शा तैयार होने के बावजूद समय पर जमीन उपलब्ध न होना हमेशा से एक बड़ी बाधा रहा है। इस प्रशासनिक और कानूनी अड़चन को हमेशा के लिए समाप्त करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने एक बेहद प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। राज्य सरकार की इस अनूठी ‘ई-भूमि’ प्रणाली के माध्यम से अब प्रदेश के जमीन मालिक खुद अपनी मर्जी और स्वेच्छा से विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराने हेतु ऑनलाइन प्रस्ताव भेज सकेंगे।
🏛️ गुजरात के एकता नगर में आयोजित ‘राष्ट्रीय चिंतन शिविर’ में दी गई जानकारी: पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने साझा की ई-भूमि की विशेषताएं
गुजरात के एकता नगर में आयोजित देश के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय चिंतन शिविर’ और ‘गतिशक्ति से प्रगति’ शिविर के दौरान हरियाणा के लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी) मंत्री रणबीर गंगवा ने इस महत्वाकांक्षी व्यवस्था का विस्तार से विवरण दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी सड़क निर्माण परियोजना को बिना किसी रुकावट के शुरू करने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि प्रोजेक्ट से पहले जमीन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए इस पोर्टल को डिजाइन किया गया है।
💻 पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल और पारदर्शी: रजिस्ट्री से लेकर इंतकाल और भुगतान तक का सारा रिकॉर्ड रहेगा ऑनलाइन
ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन के लेन-देन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बना दिया गया है। जमीन मालिक सीधे तौर पर पोर्टल पर अपनी भूमि का प्रस्ताव दर्ज करा सकते हैं, जिसके बाद कागजातों और रिकॉर्ड की ऑनलाइन जांच की जाती है। जमीन की रजिस्ट्री, पेमेंट, उसका कब्जा लेने से लेकर इंतकाल (म्यूटेशन) दर्ज होने तक का प्रत्येक रिकॉर्ड ऑनलाइन मेंटेन रहता है। इस नई व्यवस्था से जहां एक तरफ सड़क परियोजनाओं के निर्माण कार्य में अभूतपूर्व तेजी आएगी, वहीं दूसरी तरफ भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जटिलताएं भी समाप्त हो जाएंगी।