पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हरियाणा में बारिश का दौर शुरू, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी
हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम बदल गया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
हरियाणा में मंगलवार शाम से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
⚡ पंचकूला में गिरे ओले और यमुनानगर की मंडी में भीगा धान: किसानों की बढ़ी मुश्किलें
अचानक बदले इस मौसम का असर मैदानी इलाकों में साफ देखने को मिल रहा है। मंगलवार रात पंचकूला में अचानक मौसम ने करवट ली और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि पानीपत और सोनीपत में तेज हवाएं चलीं। वहीं दूसरी ओर, यमुनानगर की अनाज मंडी में खुले में रखी धान की फसल और ट्रालियां बारिश के पानी में भीग गईं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिसके चलते 12 अक्टूबर तक मौसम खराब बना रह सकता है। यह स्थिति कटाई और खुले में रखी फसल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
🌡️ तापमान की स्थिति: हिसार रहा सबसे प्रदेश का सबसे गर्म जिला, गुरुग्राम में दर्ज हुआ न्यूनतम तापमान
मौसम में आए बदलाव के बीच तापमान के आंकड़े भी सामने आए हैं। मंगलवार को हिसार 38.1 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जबकि महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी में पारा 38 डिग्री के आसपास रहा। वहीं दूसरी ओर, न्यूनतम तापमान के मामले में गुरुग्राम में रात का पारा 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। फिलहाल राज्य के कुछ पश्चिमी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है, लेकिन विक्षोभ के असर से पूरे प्रदेश में ठंडक और बदलाव की स्थिति बनी हुई है।