हरियाणा: सोशल मीडिया पर नायब सैनी सबसे आगे, रणबीर गंगवा सबसे पीछे

सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं के फॉलोवर 10 हजार से कम हैं, उन्हें स्पष्ट संकेत दिया गया है कि वे अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं, जनता से सीधा संवाद बढ़ाएं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएं, अन्यथा उन्हें भविष्य में राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

न्यूज़ डेस्क हरियाणा । चंडीगढ़ (सीएम ग्रोवर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से हरियाणा के मंत्रियों और विधायकों की मुलाकात के बाद उनके रिपोर्ट कार्ड को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सोशल मीडिया पर सक्रियता अब मंत्रियों और विधायकों के भविष्य का अहम पैमाना बन सकती है।

भाजपा का शीर्ष नेतृत्व और खुफिया तंत्र लगातार जनप्रतिनिधियों की परफॉर्मेंस पर नजर रखे हुए है। इसी कड़ी में भाजपा आईटी सेल ने सभी मंत्रियों और विधायकों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट का ऑडिट शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं के फॉलोवर 10 हजार से कम हैं, उन्हें स्पष्ट संकेत दिया गया है कि वे अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं, जनता से सीधा संवाद बढ़ाएं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएं, अन्यथा उन्हें भविष्य में राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

फेसबुक पर स्थिति:

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी – 1.05 मिलियन, विपुल गोयल – 5.19 लाख, राजेश नागर – 5.11 लाख, अनिल विज – 2.82 लाख, श्रुति चौधरी – 2.67 लाख, महीपाल ढांडा – 2.23 लाख, आरती राव – 1.82 लाख, अरविंद शर्मा – 1.31 लाख, रणबीर गंगवा – 1.23 लाख, राव नरबीर सिंह – 1.19 लाख, कृष्ण मिड्ढा – 68 हजार, कृष्ण बेदी – 52 हजार, श्याम सिंह राणा – 33 हजार, हरविंद्र कल्याण – 1.47 हजार।

इंस्टाग्राम पर स्थिति:

नायब सिंह सैनी – 6.23 लाख के साथ सबसे आगे, श्रुति चौधरी – 1.64 लाख, गौरव गौतम – 1.23 लाख, राव नरबीर सिंह – 2.07 लाख, हरविंद्र कल्याण – 1.02 लाख, कृष्ण मिड्ढा – 97.30 हजार, विपुल गोयल – 78.03 हजार, अनिल विज – 60 हजार, कृष्ण बेदी – 34 हजार, आरती राव – 28.02 हजार, अरविंद शर्मा – 28.03 हजार, श्याम सिंह राणा – 19.02 हजार, राजेश नागर – 11.02 हजार और रणबीर गंगवा मात्र 850 फॉलोवर के साथ सबसे पीछे।

विधायक कंवरपाल और बिमला चौधरी का आंकड़ा दोनों ही प्लेटफॉर्म पर 10 हजार से कम बताया जा रहा है।

भाजपा 2029 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है और सभी विधायकों व पराजित प्रत्याशियों की राजनीतिक कुंडली खंगालनी शुरू कर दी गई है।

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