प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का किया पिंडदान, चंदौली की इस अनोखी घटना ने चौंकाया
उत्तर प्रदेश के चंदौली में मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह करने से नाराज एक पिता ने जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया है। यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से सामाजिक मान्यताओं और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह झकझोर देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अपनी मर्जी से प्रेम विवाह करने के फैसले से अत्यधिक नाराज एक पिता ने जीवित बेटी को मृत मानकर, चल रहे पितृपक्ष के दौरान उसका बाकायदा पिंडदान और तर्पण कर दिया। जगदीश सराय गांव में घटी इस अजीबोगरीब और दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और इस कदम को लेकर समाज में परिवार की मर्जी तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर बहस छिड़ गई है।
🕊️ पितृपक्ष के पवित्र समय को चुना, बेटी से सारे रिश्ते तोड़ने के लिए किया अंतिम संस्कार जैसा कर्मकांड
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जगदीश सराय गांव की रहने वाली युवती ने परिवार की रजामंदी के खिलाफ जाकर अपनी पसंद के युवक के साथ लव मैरिज (प्रेम विवाह) कर ली थी। बेटी के इस कदम से उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्य बेहद आहत थे। परिजनों का मानना था कि इस विवाह से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है। अपने गुस्से और नाराजगी के चलते पिता ने पितृपक्ष के पवित्र काल को चुना, जो हिंदू धर्म में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए जाना जाता है। गांव के समीप ही धार्मिक रीति-रिواजों का हवाला देते हुए जीवित बेटी के नाम का पिंडदान संपन्न कराया गया।
😲 इलाके में फैली सनसनी, कौतूहल और चर्चा का मुख्य विषय बनी घटना
जैसे ही जगदीश सराय गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को यह पता चला कि एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का अंतिम संस्कार जैसा कर्मकांड कर दिया है, हर कोई हैरान रह गया। स्थानीय निवासियों के बीच यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक तरफ लोग बेटी के अपने फैसले पर अड़े रहने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार द्वारा इस तरह के极端 (चरम) कदम उठाए जाने पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।