बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से भिवानी का 50% हिस्सा अंधेरे में डूबा, 1000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते भिवानी जिले के 50% हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप। निजीकरण के विरोध में गहराया बिजली संकट।

हरियाणा में बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल का सबसे बुरा असर भिवानी जिले में देखने को मिल रहा है। हड़ताल के चलते जिले के लगभग 50 प्रतिशत हिस्से में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। हालात यह हैं कि पहले दिन से ही शहर के कई इलाकों और ग्रामीण अंचलों में रातभर बत्ती गुल रही। तकनीकी फाल्ट और ब्रेकडाउन को ठीक करने के लिए कोई भी कर्मचारी मौके पर उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों के इनवर्टर भी डिस्चार्ज होकर बंद हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

🛑 निजीकरण के खिलाफ मुखर हुए कर्मचारी: HERC के फैसले के विरोध में हड़ताल जारी, APTEL जाएगी सरकार

हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को 25 साल के लिए समानांतर वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में कर्मचारी लामबंद हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि यह कदम निगमों के निजीकरण का रास्ता साफ करेगा। हालांकि, ऊर्जा मंत्री अनिल विज और सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील कर रहे हैं और कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर कानूनी लड़ाई में सहयोग की अपील की है, लेकिन फिलहाल जमीनी स्तर पर जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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