HC के आदेश की अनदेखी पर भड़के जज, मेरठ एसएसपी को दी चेतावनी और सीजेएम पर अनुशासनात्मक एक्शन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश की अनदेखी पर मेरठ एसएसपी को 45 मिनट कोर्ट रूम में खड़ा रखा और सीजेएम के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को शनिवार को 45 मिनट तक कोर्ट रूम में खड़ा रखा। हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद दुष्कर्म के आरोपी को सीधे हाईकोर्ट के समक्ष पेश न करने पर गहरी नाराजगी जताते हुए न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने एसएसपी को भविष्य में सतर्कता बरतने की हिदायत दी। इसके साथ ही, निचली अदालत में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में मेरठ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।
📜 शादी का झांसा देकर ली थी जमानत: वादे से मुकरने पर हाईकोर्ट ने निरस्त की बेल, आरोपी को भेजा गया जेल
यह पूरा मामला एक दुष्कर्म आरोपी की जमानत निरस्तीकरण अर्जी से जुड़ा है। आरोपी ने निचली अदालत में पीड़िता से विवाह करने का शपथपत्र (Affidavit) देकर जमानत हासिल की थी। जमानत मिलने के बाद आरोपी ने विवाह करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद मेरठ पुलिस और सीजेएम अदालत ने आरोपी को हाईकोर्ट भेजने के बजाय जेल (न्यायिक हिरासत) भेज दिया था। शनिवार को भारी मशक्कत के बाद जब आरोपी को हाईकोर्ट में पेश किया गया तो उसने शादी से साफ इनकार कर दिया, जिसके तुरंत बाद अदालत ने उसकी जमानत निरस्त करने का आदेश दे दिया।