नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ रेजिडेंट्स में रोष, जल्द सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की तैयारी
गंग नहर की सफाई के चलते नोएडा में 10 नवंबर तक गंगाजल की आपूर्ति बंद है, जिससे कई सेक्टरों में भीषण जल संकट गहरा गया है और लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
नोएडा। शहर के कई सेक्टरों में इन दिनों जल संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। गंग नहर से मिलने वाले 100 क्यूसेक गंगाजल की आपूर्ति बंद होने के कारण प्राधिकरण जरूरत के मुताबिक पानी की सप्लाई नहीं कर पा रहा है, जिससे त्योहारों के इस सीजन में आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अब सुबह और शाम पांच घंटे मिलने वाला पानी घटकर मात्र दो से तीन घंटे रह गया है, और पानी का दबाव इतना कम है कि वह घरों की दूसरी मंजिल तक भी नहीं पहुंच पा रहा है।
🚨 टैंकरों के दाम बढ़े और आरडब्ल्यूए ने दी प्रदर्शन की चेतावनी: डीडीआरडब्ल्यूए अध्यक्ष एनपी सिंह बोले- जल्द नहीं सुधरे हालात तो होगा आंदोलन
नोएडा की लगभग 15 लाख आबादी को प्रतिदिन 400 से 450 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन गंग नहर की सफाई के चलते 21 अक्टूबर से शुरू हुई यह बंदी आगामी 10 नवंबर 2026 तक जारी रहने के आसार हैं। पानी की इस किल्लत के चलते बोतलबंद पानी और प्राइवेट टैंकरों की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है, जो टैंकर पहले 2000 रुपये में मिलते थे वे अब 3000 से 4000 रुपये तक में बिक रहे हैं। सेक्टर-12, सेक्टर-71 और सेक्टर-144 सहित विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।