पुलिस ने आरोपी ऋषभ शुक्ला को पिस्टल के साथ दबोचा, चबूतरे और गाड़ी पार्किंग को लेकर था पुराना विवाद
लखनऊ के सआदतगंज में पार्किंग विवाद को लेकर मर्चेंट नेवी के पूर्व अफसर ऋषभ शुक्ला ने एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र स्थित नौबस्ता के ब्राह्मण टोला में सोमवार सुबह मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। मर्चेंट नेवी के पूर्व नेविगेशन अफसर ऋषभ शुक्ला ने पार्किंग और घर के बाहर बने चबूतरे के विवाद को लेकर पड़ोसी परिवार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस भीषण नरसंहार में बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी व आरएसएस से जुड़े शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा मौके पर पहुंचे और पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को उसकी लाइसेंसी/अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
🔍 5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी, खुशियां मातम में बदलीं: प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां की खौफनाक मंजर की दास्तान
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मृतक सुयश बिजली के सामान का कारोबार करता था और आगामी 5 दिसंबर को उसकी शादी तय थी, जिसकी तैयारियां घर में चल रही थीं। सोमवार सुबह करीब 10:35 बजे शंभू तिवारी ने बरगद के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास अपनी कार खड़ी की थी, जिस पर आरोपी ऋषभ शुक्ला भड़क गया। कहासुनी इतनी बढ़ी कि ऋषभ ने पहले शंभू और बीच-बचाव करने आए शिवाजी तिवारी को गोली मार दी, और शोर सुनकर बाहर आए बेटे सुयश को भी सीढ़ियों पर मौत के घाट उतार दिया। पड़ोसियों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से भी कई बार विवाद हो चुका था, जिसकी शिकायत पुलिस से भी की गई थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।