प्राचीन जल धरोहरों के संरक्षण के लिए 2 करोड़ से होंगे विकास कार्य, चेयरमैन सुंदर अत्री ने किया निरीक्षण
बवानीखेड़ा में प्राचीन जल धरोहरों के संरक्षण और सुंदरीकरण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री ने निरीक्षण कर इसकी जानकारी दी।
बवानीखेड़ा। कस्बे की प्राचीन जल धरोहरों के संरक्षण और उनके ऐतिहासिक सुंदरीकरण के लिए लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य करवाने की योजना तैयार की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री ने हाल ही में शुद्ध तालाब, तीर्थ व ढूंढवा जोहड़ और दादी गौरी जोहड़ का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण कर प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इन प्राचीन जल स्रोतों का संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इससे न केवल हमारी ऐतिहासिक विरासत सुरक्षित रहेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
🌳 बाबा जरनानाथ मंदिर के बड़ा जोहड़ का भी होगा सुंदरीकरण: सफाई, खोदाई और आसपास व्यापक स्तर पर होगा पौधरोपण
पालिकाध्यक्ष सुंदर अत्री ने बताया कि तालाबों और जोहड़ों की विशेष सफाई व गहरी खोदाई कराई जाएगी, साथ ही उनके चारों ओर बड़े पैमाने पर पौधरोपण करके उन्हें स्वच्छ, हरा-भरा और सुंदर बनाया जाएगा। इसके अलावा बाबा जरनानाथ मंदिर के प्राचीन बड़ा जोहड़ के सुंदरीकरण की प्रक्रिया भी जल्द ही धरातल पर उतरेगी। नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य बवानीखेड़ा को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल कस्बा बनाना है। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि सुरेश मास्टर, विनोद मास्टर, अशोक कुमार और नरेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।