कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बयान पर सियासी भूचाल, बीजेपी के देशव्यापी प्रदर्शन के बीच नेताओं की नसीहत
मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर सपा नेता रामगोपाल यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने असहमति जताते हुए नेताओं को भाषा पर संयम रखने की नसीहत दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से दी गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले पर अब विपक्षी दलों के भीतर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सार्वजनिक मंचों पर नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जा रही भाषा पर गहरी चिंता जताई है और संयम बरतने की जरूरत पर बल दिया है। फिरोजाबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए रामगोपाल यादव ने साफ तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री के पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा की गई टिप्पणी से वे बिल्कुल सहमत नहीं हैं और राजनीतिक नेताओं को अपनी मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
🛑 मायावती बोलीं- व्यक्तिगत टिप्पणियों से गिर रहा राजनीति का स्तर, गरीबी-बेरोजगार जैसे असली मुद्दों पर हो ध्यान
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने खरगे के बयान और उसके बाद भाजपा के देशव्यापी प्रदर्शन के बीच कहा कि भारतीय राजनीति में आपसी कटुता और व्यक्तिगत आरोपों का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जो बेहद दुखद है। मायावती ने नसीहत दी कि देश की जनता बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन नेता इन जनसमस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अमर्यादित बयानबाजी की होड़ में लगे हैं। गौरतलब है कि रविवार को पटना में श्री कृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरगे की एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।