सोनीपत में दर्दनाक मामला: रिटायर्ड प्रिंसिपल दंपति को अपनों ने दिया धोखा, प्लॉट बिकवाकर घर से निकाला
सोनीपत के गांव बड़ोली से एक दर्दनाक मामला सामने आया है जहाँ रिटायर्ड प्रिंसिपल और उनकी पत्नी के साथ पुत्रवधू और भाई द्वारा धोखाधड़ी कर जमीन और पेंशन हड़पने का आरोप लगा है। पढ़ें पूरी खबर।
सोनीपत। जिंदगीभर बच्चों का भविष्य संवारने वाले एक रिटायर्ड प्रिंसिपल और अध्यापक दंपति को आज अपने ही परिवार के खिलाफ इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। सोनीपत के गांव बड़ोली से सामने आई यह कहानी बेहद दर्दनाक और इंसानियत को झकझोर देने वाली है।
पीड़ित बुजुर्ग दंपति का आरोप है कि रिटायरमेंट के बाद जिस घर और जमीन को उन्होंने अपने बुढ़ापे का एकमात्र सहारा समझा था, आज अपनों की जालसाजी के कारण वे उसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मीडिया के कैमरे के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए दोनों बुजुर्ग फूट-फूटकर रो पड़े।
🩺 ब्रेन हेमरेज के बाद शुरू हुई मुश्किलें, पुत्रवधू पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित बुजुर्ग रोहतास पूर्व में प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) रह चुके हैं और वे गंभीर बीमारी ब्रेन हेमरेज का सामना कर चुके हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद परिवार में हालात तेजी से बदलने लगे।
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प्लॉट बिकवाना: आरोप है कि उनकी पुत्रवधू ने धोखे से उनका एक प्लॉट बिकवा दिया।
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पेंशन के पैसे ट्रांसफर: इसके अलावा उनके बैंक खाते और पेंशन के खातों से भी पैसे धोखे से ट्रांसफर करवाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पेंशन की रकम और संपत्ति छिन जाने से दंपति की मुश्किलें लगातार बढ़ती चली गईं।
🏛️ भाई पर भी लगा धोखे से 10 एकड़ जमीन की रिलीज डीड करवाने का आरोप
दंपति की परेशानियां यहीं समाप्त नहीं हुईं। बुजुर्ग रोहतास ने अपने ही भाई धर्मदत्त पर भी गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
पीड़ितों के मुताबिक, आधार कार्ड बनवाने और दस्तावेजों की औपचारिकता का झांसा देकर उनसे लगभग 10 एकड़ जमीन की रिलीज डीड पर हस्ताक्षर करवा लिए गए और बाद में उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया। करोड़ों रुपए की इस पुश्तैनी और उपार्जित संपत्ति से बेदखल होने के बाद यह बुजुर्ग जोड़ा अब न्याय की गुहार लगा रहा है।
⚖️ पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, महीनों बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम में पीड़ित दंपति ने बहालगढ़ थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि उन्होंने कई महीने पहले पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपनी जीवनभर की कमाई और बुढ़ापे के सहारे को खो चुके इस लाचार दंपति की सुध कौन लेगा और इन्हें कब न्याय मिलेगा?