दिल्ली के पार्कों में तैनात होंगे ‘पार्क प्रहरी’, NCC कैडेट्स को सुरक्षा की जिम्मेदारी दे सकती है दिल्ली पुलिस
दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने पुलिस को एनसीसी कैडेट्स को 'पार्क प्रहरी' बनाने और बड़े पार्कों में सीसीटीवी व गार्ड अनिवार्य करने की सलाह दी है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों में महिलाओं और आम नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा सुरक्षा प्लान तैयार किया है। आने वाले समय में दिल्ली पुलिस पार्कों की सुरक्षा के लिए एनसीसी (NCC) कैडेट्स को ‘पार्क प्रहरी’ के रूप में तैनात कर सकती है। पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में गृह मंत्रालय ने पुलिस प्रशासन को इस दिशा में तेजी से काम करने की सलाह दी है।
गृह मंत्रालय की ओर से सुझाव दिया गया है कि पुलिस शाम के व्यस्त समय में कुछ घंटों के लिए एनसीसी कैडेट्स की ड्यूटी पार्कों में लगा सकती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस एक विशेष ऐप या डिजिटल वेबसाइट विकसित करेगी, जहाँ इच्छुक कैडेट्स अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इस सेवा के बदले दिल्ली पुलिस की ओर से कैडेट्स को पारितोषिक (रिवॉर्ड) देने का भी विचार किया जा रहा है।
🚨 आस्था कुंज पार्क वारदात के बाद गृह मंत्रालय ने बुलाई आपात समीक्षा बैठक
उल्लेखनीय है कि बीते सितंबर माह में अमर कॉलोनी/कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में फरीदाबाद की एक नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की दर्दनाक वारदात हुई थी। इस घटना के बाद दिल्ली के पार्कों में सुरक्षा और सर्विलांस व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
इसके बाद पुलिस, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने संयुक्त रूप से दिल्ली के सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) किया। हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा खामियों को दूर करने के सख्त निर्देश दिए।
🌳 2 एकड़ से बड़े पार्कों में दो गार्ड्स और सीसीटीवी (CCTV) कैमरे अनिवार्य
केंद्रीय गृह सचिव के नेतृत्व में हुई बैठक में पार्कों की सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण और कड़े नीतिगत निर्णय लिए गए हैं:
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दो गार्ड्स की तैनाती: दिल्ली में 2 एकड़ या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले प्रत्येक पार्क के प्रवेश और निकास (Entry/Exit) द्वार पर कम से कम दो सुरक्षा गार्ड अनिवार्य रूप से तैनात रहेंगे। इनमें से एक गार्ड हर एक घंटे में पार्क के अंदर गश्त (Patrolling) लगाएगा।
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लाइटिंग और बाउंड्री मरम्मत: ‘इंडियन रोड्स कांग्रेस’ के मानकों के अनुसार सभी पार्कों में पर्याप्त रोशनी (Lighting) की व्यवस्था की जाएगी। आगामी दिसंबर माह से पहले पार्कों की टूटी चारदीवारी और जालियों की मरम्मत करने के निर्देश संबंधित एजेंसियों को जारी कर दिए गए हैं।
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गेटों की संख्या पर अध्ययन: पार्कों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स की संख्या को आवश्यकतानुसार बढ़ाने या घटाने को लेकर विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं।
📹 30 नवंबर तक लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा होगी और पुख्ता
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दिल्ली के सभी बड़े और प्रमुख पार्कों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
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कैमरा ऑडिट: इसके लिए वर्तमान में पार्कों में मौजूद कैमरों की स्थिति का ऑडिट करने के आदेश दिए गए हैं।
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डेडलाइन तय: गृह मंत्रालय की तरफ से एजेंसियों को 30 नवंबर तक सभी बड़े पार्कों में कैमरे लगाने का कार्य पूरा करने की अंतिम सीमा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर लगाम लगाई जा सके।