हरियाणा में चक्रवात ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ का असर, 18 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
हरियाणा में चक्रवात 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम बदल गया है। मौसम विभाग ने 18 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है।
चंडीगढ़। हरियाणा में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के 18 जिलों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें से 9 जिलों में ओलावृष्टि की गंभीर आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा अन्य 9 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है।
मौसम में अचानक आए इस तीव्र बदलाव के कारण तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में महज 24 घंटे के भीतर 7 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय भी ठंडक महसूस की जाने लगी है।
🚨 इन 9 जिलों में ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी की चेतावनी
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, निम्नलिखित जिलों में भारी प्राकृतिक उथल-पुथल की संभावना है:
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ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
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संभावित खतरा: इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, अंधड़ और कई स्थानों पर ओले (Hailstorm) गिरने की प्रबल संभावना जताई गई है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
🌦️ 9 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार; तापमान में आई भारी गिरावट
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येलो अलर्ट वाले जिले: रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, रोहतक, कैथल, जींद, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
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बीते दिन का हाल: इससे पूर्व भी पानीपत, फरीदाबाद, नारनौल, यमुनानगर, जींद और करनाल सहित कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। इसके चलते प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
🌬️ बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाएं, 31 अक्टूबर तक ऐसा ही रहेगा मौसम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के प्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार:
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हवाओं की दिशा में बदलाव: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम के बजाय अब उत्तर-पूर्वी दिशा से हवाएं चलने लगी हैं। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के मिलने से बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है।
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मौसम का पूर्वाभास: विशेषज्ञों का मानना है कि 31 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम लगातार परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान छिटपुट बूंदाबांदी से लेकर तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास और बढ़ेगा।