धान की कटाई और पराली प्रबंधन पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह; जानिए क्या करें और क्या न करें

हरियाणा में बारिश के बाद ठंड बढ़ गई है। नारनौल में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश में बीते दो दिनों तक हुई मौसमी हलचल और बारिश का दौर थमने के बाद अब मौसम सामान्य होने लगा है। आसमान पूरी तरह साफ होने के साथ ही सुबह और रात के समय गुलाबी ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य भर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और दिन व रात के तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है। इस अनुकूल मौसमी बदलाव के बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रबी की फसलों की बुवाई तुरंत शुरू करने की महत्वपूर्ण सलाह दी है।

🌡️ नारनौल में सबसे कम 13 डिग्री तापमान; करनाल में दिन का पारा 21.6 डिग्री तक गिरा

प्रदेश भर में तापमान में आ रही गिरावट का असर अब साफ दिखाई देने लगा है:

  • न्यूनतम तापमान: मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, नारनौल में न्यूनतम तापमान सबसे कम 13.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • अधिकतम तापमान: हिसार, सिरसा और बालसमंद में अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

  • दिन के तापमान में गिरावट: करनाल में दिन का पारा काफी गिरकर 21.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन और रात के तापमान में आ रहे इस बड़े अंतर से सुबह-शाम ठंड का अहसास काफी बढ़ गया है।

💨 नमी वाली हवाओं से बढ़ेगी सुबह-शाम की ठंड; डॉ. मदन खीचड़ ने दी मौसम की जानकारी

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी की ओर से आई नमी वाली हवाएं हरियाणा पहुंची थीं।

  • इसके प्रभाव से 31 अक्टूबर तक मौसम परिवर्तनशील बना रहने की संभावना है।

  • वातावरण में नमी बढ़ने के कारण सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होगी। हालांकि, इस दौरान रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।

  • आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने से तापमान में धीरे-धीरे और गिरावट आने के पूरे आसार हैं।

🚜 सरसों, चने और चारे की बुवाई शुरू करने की सलाह; धान की कटाई व पराली पर विशेष निर्देश

मौसम की अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए कृषि परामर्श जारी किया है:

  • सरसों की बुवाई: पर्याप्त नमी वाले खेतों में सरसों की उन्नत किस्मों जैसे RH 30 और RH 0749 का चयन करें। बीजों को बुवाई से पूर्व प्रति किलोग्राम 2 ग्राम कार्बेंडाजिम (Carbendazim) से उपचारित करना अनिवार्य है।

  • चने और चारे की फसल: चने की उन्नत किस्मों C 235 और HC 5 की बुवाई भी शुरू की जा सकती है। इसके अलावा पशुओं के चारे के लिए जई और बरसीम की बुवाई तुरंत शुरू करने की सलाह दी गई है।

  • धान की सिंचाई और कटाई: धान की कटाई से लगभग दो सप्ताह पहले खेत में सिंचाई पूरी तरह बंद कर दें, ताकि कटाई के समय फसल में नमी नियंत्रित रहे।

  • कपास चुगाई व पराली प्रबंधन: किसानों से खेतों में पराली न जलाने की भावुक अपील की गई है। वहीं, कपास की चुगाई सुबह ओस पूरी तरह सूखने के बाद ही करने की सलाह दी गई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.