गुड़गांव में अनोखी कार्रवाई: आरोपी के घर ढोल बजाकर पहुंची झारखंड पुलिस, 25 लाख की ठगी में भगोड़ा घोषित
गुड़गांव के डीएलएफ फेज-3 में झारखंड पुलिस ने ढोल बजाकर आरोपी के घर कोर्ट का नोटिस चस्पा किया। 25 लाख की ठगी के मामले में 1 महीने में पेश न होने पर कुर्की की चेतावनी।
अब तक आपने आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस को कई बार छापेमारी और रेड करते देखा होगा, लेकिन गुड़गांव (गुरुग्राम) में एक ऐसा अनूठा मामला सामने आया है जहाँ पुलिस आरोपी को पकड़ने और समन थमाने ढोल-नगाड़े बजाते हुए पहुँची। गुड़गांव के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3) के वी-ब्लॉक (V Block) में पहुंची यह पुलिस टीम कहीं और की नहीं, बल्कि झारखंड राज्य के बोकारो जिले की है। एक स्थानीय कारोबारी से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची झारखंड पुलिस को घर पर आरोपी तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने ढोल बजाकर पूरे मोहल्ले वालों को एकत्र कर लिया और लाउडस्पीकर पर कोर्ट से जारी आधिकारिक नोटिस की घोषणा की।
📢 दरवाजे पर चस्पा किया गया कोर्ट का नोटिस; लाउडस्पीकर पर पढ़कर सुनाया गया फरमान
कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम:
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घंटी बजाने पर नहीं खुला दरवाजा: बोकारो के बेरमो थाने में तैनात एएसआई (ASI) प्रभात किरण कोकिल अपनी टीम के साथ गुड़गांव के डीएलएफ फेज-3 स्थित आरोपी बलराम कुमार गुप्ता के घर पहुंचे। पुलिस ने कई बार घर की घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई बाहर नहीं आया।
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ढोल और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल: इसके बाद पुलिस ने अपने साथ लाए ढोल को जोर-जोर से बजवाना शुरू कर दिया। ढोल की तेज आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी अपने घरों से बाहर निकल आए। इसके बाद पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से पूरे मोहल्ले के सामने कोर्ट के आदेश को पढ़कर सुनाया और दरवाजे पर भगोड़ा घोषित करने का नोटिस चस्पा कर दिया।
⚖️ अदालत ने आरोपी को घोषित किया भगोड़ा; 1 महीने में पेश न होने पर होगी संपत्ति कुर्क
प्रशासनिक और कानूनी हिदायत:
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3 साल से चल रहा था फरार: एएसआई ने बताया कि आरोपी बलराम कुमार गुप्ता पिछले 3 सालों से लगातार फरार चल रहा है। पुलिस द्वारा कई बार छापेमारी की गई और कोर्ट की तारीखों पर भी वह कभी हाजिर नहीं हुआ, जिसके बाद झारखंड की अदालत ने उसे 27 अक्टूबर को भगोड़ा घोषित करने का आदेश जारी किया।
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कुर्की की चेतावनी: अदालत ने आरोपी को 1 महीने के भीतर कोर्ट में पेश होने का आखिरी अवसर दिया है। यदि आगामी तय तारीख तक आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
💳 जानिए क्या है 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी का पूरा मामला?
केस का मुख्य विवरण:
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जमीन के नाम पर ठगी: बोकारो के बेरमो निवासी एग्रो-बिजनेस करने वाले मुकुल कुमार ने बेरमो थाने में बलराम कुमार गुप्ता और उसके रिश्तेदार दीपक कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मुकुल को व्यवसाय शुरू करने के लिए जमीन की आवश्यकता थी। बलराम और दीपक ने उन्हें ओरमांझी में पेट्रोल पंप के पास एक खाली प्लॉट दिखाकर अपना बताया।
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25 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर: अगस्त 2021 में सौदा पक्का होने के बाद मुकुल कुमार ने दो किस्तों में कुल 25 लाख रुपये दोनों आरोपियों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की गई और न ही पैसे वापस लौटाए गए।
🚨 पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी; 2023 से दर्ज है आपराधिक मामला
पीड़ित का आरोप और पुलिस जांच:
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धमकी देने का आरोप: पीड़ित मुकुल कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने अपने गाढ़े पसीने के पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी दी।
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22 मई 2023 को FIR: इसके बाद 22 मई 2023 को बोकारो के बेरमो थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल-बदल कर फरार चल रहे हैं, जिसके बाद अब अदालत के सख्त रुख के बाद पुलिस ने यह ढोल मुनादी की कार्रवाई को अंजाम दिया है।