अंबाला में 1857 शहीद स्मारक का ऐतिहासिक लोकार्पण: अनिल विज ने अमित शाह, CM सैनी और स्मृति ईरानी का जताया आभार

अंबाला छावनी में 1857 के अमर शहीदों के भव्य स्मारक के लोकार्पण पर अनिल विज ने अमित शाह, CM सैनी व जनसमूह का आभार जताया। जानिए स्मारक की पूरी रिपोर्ट।

अंबाला छावनी की ऐतिहासिक धरती पर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को समर्पित भव्य एवं विशाल शहीद स्मारक का लोकार्पण समारोह ऐतिहासिक और यादगार बन गया। इस गौरवपूर्ण आयोजन के सफलता पूर्वक संपन्न होने के बाद हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता सहित समारोह में पधारे सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और अपार जनसमूह का हृदय से आभार प्रकट किया।

अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर ट्वीट करते हुए कहा कि अंबाला छावनी में 1857 के वीरों को समर्पित स्मारक के लोकार्पण समारोह को भव्य और ऐतिहासिक बनाने में सभी का योगदान अविस्मरणीय है।

🤝 गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सैनी व सभी शीर्ष नेताओं का विशेष रूप से किया धन्यवाद

आयोजन और प्रशासनिक आभार:

  • शीर्ष नेतृत्व का आभार: कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अपने आधिकारिक संदेश में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया।

  • संगठनात्मक सहयोग: इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, राज्य के सभी कैबिनेट मंत्रियों, पार्टी पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

  • राष्ट्रभक्ति का प्रतीक: विज ने स्पष्ट किया कि 1857 के अमर शहीदों की पावन स्मृति में निर्मित यह स्मारक महज कोई सरकारी ढांचा या आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत के गौरवशाली इतिहास, आजादी के आंदोलन के अमर बलिदानों और राष्ट्रभक्ति की भावना को भावी पीढ़ियों के लिए समर्पित एक अनूठा केंद्र है।

🎨 इतिहासकारों, कलाकारों और आर्किटेक्ट्स के अमूल्य परिश्रम की सराहना

स्मारक निर्माण में योगदान:

  • एशिया का भव्य स्मारक: अनिल विज ने इस स्मारक को आकार देने वाले इतिहासकारों, प्रतिष्ठित कलाकारों, कुशल आर्किटेक्ट्स तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों का विशेष आभार व्यक्त किया।

  • आधुनिक तकनीक का संगम: उन्होंने कहा कि इस स्मारक को पूरे एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक शहीद स्मारक बनाने में अनेक विशेषज्ञों ने अपनी दिन-रात की मेहनत का योगदान दिया है।

  • तथ्यों का संकलन: ऐतिहासिक तथ्यों को प्रामाणिकता से संकलित करने में इतिहासकारों, उन्हें जीवंत रूप देने में कलाकारों और भव्य स्थापत्य कला की संरचना तैयार करने में आर्किटेक्ट्स का परिश्रम प्रशंसनीय है, जिसके माध्यम से इतिहास आधुनिक तकनीक के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचेगा।

🚩 1857 के गुमनाम शहीदों के बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का ऐतिहासिक संकल्प

वर्षों पुराना संकल्प साकार:

  • गुमनाम वीरों को नमन: अंबाला छावनी में निर्मित यह भव्य स्मारक 1857 की पहली स्वाधीनता क्रांति के उन अनगिनत गुमनाम वीरों को सम्मानित करता है, जिन्होंने भारत मां की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।

  • अनिल विज का सपना हुआ पूरा: यह भव्य स्मारक मंत्री अनिल विज के वर्षों पुराने भागीरथ प्रयासों और संकल्प की पूर्णता का प्रतीक है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने के लिए लंबे समय तक निरंतर प्रयास किए।

  • श्रद्धांजलि का मुख्य केंद्र: लोकार्पण के पश्चात अब यह भव्य स्मारक पूरे देश के लिए भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली पन्नों को समझने और अमर शहीदों को नमन करने का एक प्रमुख राष्ट्रीय एवं पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।

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