धनतेरस 2026: शुक्रवार और धनतेरस का दुर्लभ संयोग, माता लक्ष्मी और धन्वंतरि की कृपा पाने के लिए करें इन शक्तिशाली मंत्रों का जाप
धनतेरस 2026 पर शुक्रवार का विशेष संयोग। माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और धन्वंतरि की कृपा के लिए जानें अचूक मंत्र और पूजा का महत्व।
आज 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को देशभर में धनतेरस का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सनातन हिंदू धर्म में धनतेरस के इस पर्व का अत्यंत विशेष और पवित्र महत्व माना गया है। इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी, धन के देवता भगवान कुबेर और आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि धनतेरस के शुभ अवसर पर सोना-चांदी, नए बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में सालभर सुख-समृद्धि और बरकत बनी रहती है। इसके अलावा, शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाने के साथ-साथ यमराज के निमित्त दीपदान करने की भी प्राचीन परंपरा है, जिससे परिवार पर उनकी विशेष कृपा बनी रहती है और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
🌟 सालों बाद बना धनतेरस और शुक्रवार का खास संयोग; माता लक्ष्मी की कृपा के लिए है उत्तम अवसर
संयोग और मंत्र जाप का महत्व:
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दुर्लभ संयोग: इस वर्ष धनतेरस शुक्रवार के दिन पड़ रही है, और जैसा कि विदित है कि शुक्रवार का दिन समर्पित रूप से माता लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है। ऐसे में धनतेरस और शुक्रवार का यह अनूठा संयोग मां लक्ष्मी की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना जा रहा है।
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सकारात्मक ऊर्जा का संचार: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की शाम पूजा के दौरान देवी-देवताओं के पवित्र मंत्रों का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप धन और वैभव की प्राप्ति के लिए, भगवान कुबेर के मंत्रों का जाप आर्थिक स्थिरता और धन-धान्य की वृद्धि के लिए, जबकि भगवान धन्वंतरि के मंत्रों का जाप अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए किया जाता है। इन मंत्रों का 108 बार जाप करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है।
🌿 1. भगवान धन्वंतरि का मंत्र (उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए)
आरोग्य और स्वास्थ्य के मंत्र:
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ॐ धन्वंतरये नमः
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ॐ नमो भगवते धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्वमय विनाशाय त्रैलोक्य नाथाय श्रीमहाविष्णवे नमः
💰 2. माता लक्ष्मी का मंत्र (धन, ऐश्वर्य और समृद्धि के लिए)
धन और वैभव के मंत्र:
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ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
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ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
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ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
🏦 3. भगवान कुबेर का मंत्र (धन-धान्य और आर्थिक स्थिरता के लिए)
कुबेर देवता के मंत्र:
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ॐ श्री कुबेराय नमः
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ॐ वैश्रवणाय स्वाहा
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ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
🕯️ 4. यम दीपदान का मंत्र (अकाल मृत्यु के भय और बाधाओं से मुक्ति के लिए)
यमराज दीपदान का मंत्र:
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मृत्युनाऽ पाशहस्तेन कालेन भार्या सह. त्रयोदशीं दीपदानात् सूर्यजः प्रियतामिति॥
धनतेरस की शाम पूजा के दौरान इन सभी पावन मंत्रों का श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ जाप करना चाहिए। इसके साथ ही, परिवार की रक्षा और आरोग्य की कामना के लिए यमराज के निमित्त विधिवत दीपदान करना भी अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।