हरियाणा में मधुमक्खी पालकों को बड़ी सौगात: बागवानी बीमा योजना में शामिल, ₹50 के प्रीमियम पर मिलेगा ₹1250 का कवर
सीएम नायब सैनी ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में जोड़ा। ₹50 प्रीमियम पर ₹1250 का कवर और धान खरीद का ₹9880 करोड़ भुगतान।
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने, खेती को लाभप्रद बनाने तथा प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसी कड़ी में मधुमक्खी पालकों को राहत देते हुए मधुमक्खी पालन को ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना’ में शामिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मधुमक्खी पालकों को प्रति बॉक्स या प्रति कॉलोनी मात्र ₹50 का प्रीमियम देना होगा, जिसके एवज में उन्हें प्रति बॉक्स ₹1250 का बीमा कवर मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालक अधिकतम ₹6,25,000 (6 लाख 25 हजार रुपये) तक का बीमा क्लेम प्राप्त कर सकेंगे।
🍯 शहद को भावांतर भरपाई योजना में किया गया शामिल; ₹120 प्रति किलोग्राम निर्धारित हुआ संरक्षित मूल्य
प्राकृतिक आपदाओं से राहत और शहद का न्यूनतम मूल्य:
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आर्थिक सुरक्षा: इस बीमा कवर से मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों या अन्य जोखिमों से होने वाले संभावित नुकसान के खिलाफ मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
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उचित मूल्य का वादा: सरकार शहद उत्पादकों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से 16 अगस्त 2025 को कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की घोषणा की गई थी।
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संरक्षित मूल्य: इस योजना के तहत राज्य सरकार ने शहद का संरक्षित मूल्य ₹120 प्रति किलोग्राम तय किया है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।
🌾 प्रदेश की मंडियों में 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी; किसानों को दिया गया ₹9880 करोड़ का डायरेक्ट भुगतान
धान की खरीद, एमएसपी और उठान के आंकड़े:
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खरीद की समयसीमा: मुख्यमंत्री ने खरीफ खरीद सीजन का ब्योरा देते हुए बताया कि 29 सितंबर से प्रदेश की 278 मंडियों में धान की आधिकारिक खरीद चल रही है, जो 15 नवंबर तक निरंतर जारी रहेगी।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): किसानों से कॉमन धान की खरीद ₹2441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान की खरीद ₹2461 प्रति क्विंटल के एमएसपी पर की जा रही है।
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आवक और उठान की स्थिति: 5 नवंबर तक प्रदेश की मंडियों में 48 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 43 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी की जा चुकी है। अब तक 37 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान का उठान भी संपन्न हो चुका है और किसानों के खातों में ₹9880 करोड़ की राशि का सीधा भुगतान किया जा चुका है।