दिवाली पर लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी न चढ़ाएं ये 7 चीजें, वरना रुठ सकती हैं माता लक्ष्मी—जानें क्या है पूजा के नियम
दिवाली पर लक्ष्मी पूजन में भूलकर भी न चढ़ाएं तुलसी, सफेद फूल, दुर्वा और बासी चीजें। जानें माता लक्ष्मी की पूजा के जरूरी नियम। पूरी खबर पढ़ें।
आज देशभर में दीपावली का महापर्व बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष और अलौकिक महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन रात्रि को विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर घर में सुख-समृद्धि, वैभव और धन का वास होता है, तथा माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। यही वजह है कि लोग दिवाली की रात माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं।
अक्सर लोग मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान उन्हें तरह-तरह के फूल, फल और पूजन सामग्री अर्पित करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें माता लक्ष्मी की पूजा में चढ़ाना पूरी तरह वर्जित माना गया है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि पूजा में इन वर्जित चीजों को अर्पित कर दिया जाए, तो उसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करते समय इन महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
🌿 1. तुलसी के पत्ते या मंजरी (Tulsi Leaves)
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वर्जित सामग्री: भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय और पवित्र मानी जाती है, लेकिन मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी के पत्ते या मंजरी अर्पित करना पूर्णतः वर्जित माना गया है।
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ध्यान रखें: इसलिए दिवाली की रात लक्ष्मी पूजन करते समय तुलसी के पत्तों को अपनी पूजा सामग्री में बिल्कुल शामिल न करें।
🌸 2. सफेद रंग के फूल (White Flowers)
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फूलों का चयन: मां लक्ष्मी की पूजा में लाल, गुलाबी और पीले रंग के ताजे फूल चढ़ाना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। माता को कमल, गुलाब और गेंदे के फूल विशेष प्रिय हैं।
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क्या न चढ़ाएं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता लक्ष्मी को सफेद रंग के फूल—जैसे चंपा, रातरानी, मोगरा, चांदनी और तगर—नहीं अर्पित करने चाहिए।
🌺 3. आंकड़े के फूल (Aak Flower)
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धार्मिक मान्यता: आंकड़े का फूल मुख्य रूप से देवों के देव महादेव (भगवान शिव) की पूजा में विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है।
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नियम: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह फूल मां लक्ष्मी को अर्पित नहीं किया जाता है। इसलिए लक्ष्मी पूजन के लिए फूलों का चुनाव करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें।
🌼 4. कनेर के फूल (Oleander Flowers)
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कारण: लक्ष्मी पूजा में कनेर के फूल का इस्तेमाल करने से हमेशा बचना चाहिए। इसकी मुख्य वजह यह है कि कनेर के फूल, पत्ते और फल जहरीले (विषैले) माने जाते हैं।
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अशुभता: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की पूजा में विषैले या कांटेदार पौधों के फूलों को चढ़ाना शुभ नहीं माना जाता है।
🌱 5. दुर्वा घास (Durva Grass)
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गणेश पूजा vs लक्ष्मी पूजा: भगवान गणेश की पूजा में दुर्वा (घास) का विशेष और अनिवार्य महत्व होता है। गणपति को दुर्वा चढ़ाना बेहद शुभ होता है, लेकिन मां लक्ष्मी की पूजा में दुर्वा बिल्कुल भी अर्पित नहीं की जाती है।
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अलग पूजन सामग्री: इसलिए दोनों देवी-देवताओं की एक साथ पूजा करते समय उनकी अलग-अलग और उचित पूजन सामग्री का ही ध्यान रखना चाहिए।
🥀 6. बासी, सूखे या मुरझाए हुए फूल (Wilted Flowers)
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स्वच्छता का महत्व: मां लक्ष्मी की पूजा में हमेशा ताजे, स्वच्छ और खिले हुए फूलों का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
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वर्जित: कभी भी माता को सूखे, मुरझाए हुए, कटे-फटे या कीड़े लगे हुए फूल अर्पित नहीं करने चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी-देवताओं की आराधना में शुद्धता और ताजगी का विशेष महत्व होता है।
👗 7. काले या गहरे नीले रंग के कपड़े (Black or Dark Blue Clothes)
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पहनावे के नियम: दिवाली पर केवल पूजन सामग्री ही नहीं, बल्कि मां लक्ष्मी की पूजा करते समय अपने पहनावे (वस्त्रों) का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।
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शुभ रंग: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन अवसर पर काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। इसके बजाय लाल, पीले, सुनहरे या गुलाबी रंग के चमकीले वस्त्र पहनना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।