भागलपुर: विक्रमशिला सेतु के पिलर में दरार और कंपन, रोजाना गुजरने वाले 30,000 वाहनों की जान जोखिम में

भागलपुर का गौरव विक्रमशीला सेतु गंभीर खतरे में है. इसके एक्सपेंशन जॉइंट्स में दरारें 7 इंच तक बढ़ चुकी हैं, जिससे पुल में तेज कंपन महसूस होता है. रोजाना 30,000 से अधिक वाहन गुजरने से हर दिन बड़े हादसे का डर बना हुआ है.

भागलपुर का गौरव और पूर्वी बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाला विक्रमशीला सेतु अब खुद ही खतरे की घंटी बजा रहा है. सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट में बढ़ता गैप चिंता का बड़ा कारण बन गया है, जो दरार कभी 1 से 2 इंच की थी. वह अब बढ़कर 7 इंच तक हो चुकी है. भारी वाहनों के गुजरते ही अब पुल में तेज कंपन महसूस होता है, जिससे हर दिन हादसे की आशंका बनी हुई है.

जानकारी के मुताबिक, सेतु के 10 से अधिक एक्सपेंशन जॉइंट में गैप लगातार बढ़ रहा है. इस गंभीर स्थिति को लेकर जिलाधिकारी से लेकर NHAI के मुख्य अभियंता तक पुल निर्माण निगम को कई बार पत्र लिखकर जांच और दुरुस्तीकरण की मांग कर चुके हैं. बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े करता है.

रोजाना गुजरते हैं 30 हजार से अधिक वाहन

टीवी9 ने भी पिछले एक साल में दो बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद नहीं टूटी. साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा उद्घाटित यह सेतु पूर्वांचल को सीमांचल से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है. प्रतिदिन लगभग 30 हजार वाहन जिनमें हजारों ट्रक और कंटेनर शामिल है वो इस पुल से गुजरते हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पुल निर्माण निगम किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है? अगर समय रहते मरम्मत और तकनीकी जांच नहीं कराई गई, तो यह बढ़ता गैप किसी बड़े हादसे में तब्दील हो सकता है. अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागता है, हादसे से पहले या उसके बाद?

वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो अगर समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, तो बड़ा हादसा कभी भी हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी. वहीं विभाग की इस लापरवाही से लोगों में रोष भी है. लोगों का यह भी कहना है लोगों की सुरक्षा के लिए इसे तुरंत सही कराया जाए

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