Varanasi Court Threat: वाराणसी जिला जज को मिली कचहरी उड़ाने की धमकी, 19 साल पुराने ब्लास्ट की यादें हुईं ताजा

वाराणसी कचहरी में बम की सूचना को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं. 'शुक्रवार को जुमे के दिन डेढ़ बजे'... को डिकोड करने में ATS टीम जुटी है. 19 साल पहले भी जुमे के दिन ही ठीक इसी समय कचहरी में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 10 लोगों की मौत हुई थी.

वाराणसी के जिला जज संजीव शुक्ला के पास शुक्रवार को एक मेल आया. मेल को पढ़ते ही वह सकते में गए. दरअसल, मेल में लिखा था कि, “जुमे के दिन डेढ़ बजे कचहरी परिसर में ब्लास्ट होगा.” उन्होंने तत्काल सेंट्रल बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम को बुलाया और मेल की कॉपी दिखाई. फिर पुलिस-प्रशासन को जानकारी दी. पुलिस-प्रशासन तुरंत हरकत में आया. कई थानों की फोर्स कचहरी परिसर में पहुंच गई. ATS, BDS और डॉग स्क्वाड टीम ने परिसर को खाली कराया. यही नहीं परिसर के कोने-कोने की दो बार जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. सबकुछ सामान्य होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली.

अलर्ट मोड पर वाराणसी पुलिस-प्रशासन

दरअसल, महाशिवरात्रि से दो दिन पहले इस घटना ने पूरे वाराणसी को अलर्ट पर ला दिया. कैंट रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई. वाराणसी के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और जिला जज की हाई लेवल मीटिंग हुई. मीटिंग में ये तय हुआ कि चूंकि कल परसों छुट्टी है और कचहरी बंद है. सोमवार को भी चेक कर के ही लोगों को कचहरी में एंट्री दी जाएगी.

‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’… डिकोड करने में जुटी पुलिस

वाराणसी के एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा ने बताया कि संदिग्ध मेल कहां से आया, इसकी जांच हो रही है. साइबर टीम इसमें जुटी हुई है. ATS भी अपने स्तर से जांच कर रही है. बार काउंसिल के चेयरमैन ने बताया कि जिला जज को जो संदिग्ध मेल आया है, उसकी लोकेशन तमिलनाडु बताई जा रही. हालांकि बार काउंसिल के चेयरमैन ने कहा कि ये जांच का विषय है. जुमे के दिन डेढ़ बजे इसके डिकोड करने को लेकर ATS टीम लगी हुई है.

19 साल पहले कचहरी में हुआ था ब्लास्ट

चूंकि वाराणसी कचहरी में 23 नवंबर 2007 को हुए बम ब्लास्ट में 10 लोगों की मौत हो गई थी. उस दिन भी शुक्रवार ही था और समय भी दोपहर के डेढ़ से दो बजे के बीच था. सुरक्षा एजेंसी इस तथ्य को भी ध्यान में रख कर जांच कर रही हैं. वाराणसी बार काउंसिल के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि ये संयोग है या प्रयोग या फिर कोई मॉडस ऑपरेंडी कि 23 नवंबर 2007 को भी शुक्रवार ही था और आज भी शुक्रवार ही है. इसकी जांच तो होनी ही चाहिए. अप्रैल 2016 में कचहरी परिसर से दो हैंड ग्रेनेड भी बरामद हो चुका है. इसलिए कचहरी की सुरक्षा को प्रशासन प्रायोरिटी पर रखे. फिलहाल इस संदिग्ध मेल को लेकर प्रशासन और बार काउंसिल दोनों सतर्क और अलर्ट मोड पर हैं.

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