फतेहाबाद साइबर ठगी: 13 दिनों में महिला के खाते से ₹9.54 लाख साफ, बिना OTP और अलर्ट मैसेज के हुआ खेल

फतेहाबाद के गांव झलनिया में साइबर अपराधियों ने एक महिला के बैंक खाते से ₹9.54 लाख उड़ा लिए। बिना किसी मैसेज या ओटीपी के हुई इस ट्रांजेक्शन से बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल। साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की।

फतेहाबाद : जिले में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां 13 दिनों के भीतर एक महिला के बैंक खाते से 9 लाख 54 हजार रुपये साफ कर दिए गए। हैरानी की बात यह रही कि खाते से लगातार ट्रांजेक्शन होते रहे, लेकिन महिला को राशि निकलने का कोई अलर्ट मैसेज प्राप्त नहीं हुआ।

मामला फतेहाबाद के गांव झलनिया का है। पीड़ित महिला कविता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया की फतेहाबाद शाखा में है। खाते में फसल बिक्री की राशि जमा होती रहती थी। 16 फरवरी 2026 को जब उन्होंने फोन-पे के माध्यम से बैलेंस चेक किया तो खाते में केवल 52 हजार 520 रुपये शेष पाए गए, जबकि करीब 10 लाख रुपये होने चाहिए थे।

शक होने पर महिला ने बैंक जाकर खाता स्टेटमेंट निकलवाया। जांच में सामने आया कि बीते 13 दिनों के भीतर उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 9 लाख 54 हजार रुपये निकाले जा चुके हैं। महिला का आरोप है कि उन्हें किसी भी प्रकार का डेबिट मैसेज या ओटीपी अलर्ट प्राप्त नहीं हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही महिला ने फतेहाबाद साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों तथा ट्रांजेक्शन डिटेल की जांच की जा रही है। साइबर ठगों की पहचान के लिए तकनीकी टीम को भी लगाया गया है।

प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी प्रकार से महिला के बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंची। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं महिला का मोबाइल फोन हैक तो नहीं हुआ या फिर किसी फर्जी लिंक अथवा कॉल के जरिए बैंक डिटेल हासिल की गई।

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों को मोबाइल नंबर से अपडेट रखें, एसएमएस अलर्ट सेवा सक्रिय रखें और किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ओटीपी को साझा न करें। यदि खाते से संदिग्ध लेन-देन होता है तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

इस घटना ने क्षेत्र में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच यह मामला बैंकिंग सुरक्षा और अलर्ट सिस्टम पर भी सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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