बहल: देखरेख के अभाव में खंडहर बने सरकारी वृद्धाश्रम, आवारा पशुओं का बसेरा और ढहती छतें
लोहारू के बहल कस्बे में इनेलो शासन के दौरान बने वृद्धाश्रम अब बदहाली के आंसू रो रहे हैं। दीवारों का प्लास्टर झड़ा और छतों से गिरते सरिए बुजुर्गों के लिए खतरा बन गए हैं। जानें क्या है पूरा मामला।
बहल। कस्बे के सरकारी अस्पताल के सामने व ढाणी बहल के वार्ड नंबर एक में इनेलो शासन में बुजुर्ग लोगों के सहायतार्थ बनाए गए वृद्धाश्रम उचित देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गए हैं। इन वृद्धाश्रमों के कमरों की छतें पूरी तरह से खराब हो चुकी है और दीवारों का प्लास्टर झड़ चुका है। इसके अलावा इनकी सुरक्षा के लिए बनाई गई चहारदीवारी भी ढह चुकी है और अधिकतर समय इनमें आवारा पशुओं का जमावड़ा बना रहता है।