ढुण्ढिराज चतुर्थी 2026: बप्पा को लगाएं ये खास भोग, भूलकर भी न करें ये गलतियां
फाल्गुन मास की ढुण्ढिराज चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। जानें बप्पा के प्रिय भोग, सही पूजा विधि और वो गलतियां जिनसे आपकी पूजा अधूरी रह सकती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को ढुण्ढिराज चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान गणेश के विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है. मान्यता है कि सच्चे मन से व्रत और पूजा करने पर सभी विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है. विनायक चतुर्थी का दिन भगवान भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास माना जाता है. आइए जानते हैं इस दिन कौन-से भोग लगाएं और किन गलतियों से बचें.
बप्पा को लगाएं ये खास भोग
विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी को उनके प्रिय पकवान अर्पित करने चाहिए.
मोदक
मोदक भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग माना जाता है. मान्यता है कि 21 मोदक अर्पित करने से विशेष कृपा मिलती है.
लड्डू
बेसन या बूंदी के लड्डू भी बप्पा को अति प्रिय हैं. इन्हें श्रद्धा से चढ़ाएं.
दूर्वा घास
गणेश जी को दूर्वा अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. पूजा में 21 दूर्वा चढ़ाना अच्छा माना जाता है.
नारियल
नारियल को शुभता का प्रतीक माना जाता है. इसे पूजा में जरूर शामिल करें.
गुड़ और चना
सरल और सात्विक भोग के रूप में गुड़-चना भी चढ़ाया जा सकता है.
विनायक चतुर्थी की पूजा विधि
सबसे पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें. पूजा स्थान को साफ करें और गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. दीपक और धूप जलाएं. दूर्वा, फूल और सिंदूर अर्पित करें. गणेश मंत्र या ॐ गं गणपतये नमः का जाप करें. अंत में भोग लगाकर आरती करें.
भूलकर भी न करें ये गलतियां!
- तुलसी अर्पित न करें गणेश जी की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाई जाती.
- गंदे या बासी भोग का प्रयोग न करें हमेशा ताजा और शुद्ध भोजन ही अर्पित करें.
- क्रोध या नकारात्मक भाव से पूजा न करें पूजा शांत और श्रद्धा भाव से करें.
- चंद्र दर्शन से बचें : कुछ परंपराओं में चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन वर्जित माना जाता है.
विनायक चतुर्थी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है. किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है. फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी को ढुण्ढिराज रूप में उनकी पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसलिए इस दिन बप्पा को प्रिय भोग अर्पित कर उनका आशीर्वाद जरूर लें.