PM Modi Israel Visit: पीएम मोदी को मिला इजराइल का सर्वोच्च सम्मान ‘नेसेट मेडल’, यह पदक पाने वाले दुनिया के पहले नेता बने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रचा इतिहास! इजराइली संसद 'नेसेट' के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए पीएम मोदी। जानें भारत-इजराइल रणनीतिक संबंधों, यहूदी समुदाय पर पीएम के संबोधन और उन्हें अब तक मिले 28 अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की पूरी जानकारी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके असाधारण योगदान के लिए बुधवार को स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया गया. भारतीय प्रधानमंत्री यह पदक पाने वाले पहले नेता हैं. यह इजराइली संसद नेसेट का सर्वोच्च सम्मान है. नेसेट स्पीकर अमीर ओहाना ने इजराइली संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बाद उन्हें यह पदक प्रदान किया. यह पदक भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के असाधारण योगदान के वास्ते प्रदान किया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इजराइल की चिरस्थायी मित्रता को दिया गया सम्मान है.

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं नेसेट पदक प्राप्त करके बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे विनम्रता और कृतज्ञता के साथ स्वीकार करता हूं. यह किसी एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि भारत और इज़राइल की चिरस्थायी मित्रता का सम्मान है. यह उन साझा मूल्यों को दर्शाता है, जो हमारे दोनों राष्ट्रों का मार्गदर्शन करते हैं.

 

इजराइल और फिलिस्तीन से मिला सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन विरले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें इजराइल और फिलिस्तीन दोनों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी को 2018 में ग्रैंड कॉलर आफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन से सम्मानित किया गया था, जो विदेशी नेताओं के लिए फिलिस्तीन का सर्वोच्च सम्मान है.

कई देशों से मिला सम्मान

यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए 28 से अधिक सर्वोच्च नागरिक सम्मानों की विशिष्ट सूची में नवीनतम है. जिनमें हाल ही उन्हें मिले ऑर्डर ऑफ ओमान और इथियोपिया के ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया तथा कुवैत के ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर शामिल है. यह प्रधानमंत्री मोदी की नौ वर्षों में इज़राइल की दूसरी यात्रा है. जुलाई 2017 में उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया था.

 

इजराइली संसद के सदस्यों से बातचीत

नेसेट में अपने भाषण के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइली संसद के सदस्यों से बातचीत की. सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी और तस्वीरें लीं. प्रधानमंत्री मोदी को उनके भाषण के दौरान स्टैंडिंग ओवेशन मिला, जिसे जोरदार तालियों से भी सराहा गया. अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि भारत में इजराइल के संकल्प, साहस और उपलब्धियों के प्रति बहुत सम्मान है.

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक राज्यों के रूप में एक-दूसरे से संबंध स्थापित करने से बहुत पहले, हम दो हजार साल से भी अधिक पुराने संबंधों से जुड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि यहूदी व्यापारी भूमध्य सागर को हिंद महासागर से जोड़ने वाले समुद्री मार्गों से यात्रा करते थे. वे अवसर और सम्मान की तलाश में आए थे. और भारत में वे हमारे ही एक सदस्य बन गए.

 

भारत में बिना भेदभाव के रहते हैं यहूदी

यहूदी समुदाय भारत में उत्पीड़न या भेदभाव के भय के बिना रहे हैं. उन्होंने अपने धर्म को संरक्षित रखा है और समाज में पूरी तरह से भाग लिया है. यह उपलब्धि हमारे लिए गर्व का स्रोत है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-इजराइल साझेदारी के केंद्र में हमारे लोगों के बीच के संबंध हैं. उन्होंने कहा, जब मैंने पहली बार 2006 में इजराइल का दौरा किया था, तब वहां मुट्ठी भर योग केंद्र थे.

 

युवा इजराइलियों को भारत आने का निमंत्रण

आज, ऐसा लगता है कि लगभग हर मोहल्ले में योग का अभ्यास किया जाता है. मुझे बताया गया है कि आयुर्वेद में भी लोगों की रुचि बढ़ रही है. मैं अधिक से अधिक युवा इजराइलियों को भारत की यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता हूं. वे हमारे समाज की जीवंतता को देखेंगे और अनुभव करेंगे कि समग्र स्वास्थ्य शरीर और मन के लिए क्या कर सकता है. उन्होंने बताया कि भारतीय संसद ने इजराइल के लिए एक संसदीय मैत्री समूह की स्थापना की है. मैं आप सभी को भारत आने के लिए आमंत्रित करता हूं और हमारे सांसदों के बीच और अधिक आदान-प्रदान की आशा करता हूं.

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