Maharashtra Rajya Sabha Election 2026: एक सीट और तीन दावेदार! मविआ में फंसा पेंच, क्या शरद पवार फिर जाएंगे राज्यसभा?

महाराष्ट्र राज्यसभा की 7 सीटों के लिए मविआ (MVA) में जंग तेज! कांग्रेस, शरद पवार गुट और उद्धव सेना एक ही सीट पर अड़े। क्या शरद पवार की चुप्पी गठबंधन में दरार डालेगी? जानें सतेज पाटिल, जयंत पाटिल और आदित्य ठाकरे के दावों के पीछे का पूरा सियासी गणित।

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है. राज्यसभा की सात सीटों में से एक सीट और उसी एक सीट ने महाविकास आघाड़ी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कांग्रेस, राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) और उद्धव सेना तीनों ही दल इस सीट पर दावा ठोक रहे हैं. कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. इस खींचतान से MVA की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में गरमाहट साफ दिख रही है.

राज्यसभा चुनाव नजदीक है और महाविकास आघाडी के भीतर सियासी तापमान चरम पर है. गुरुवार को कांग्रेस और राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, लेकिन घंटों की चर्चा के बाद भी सहमति नहीं बन सकी.

कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ, नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार और विधायक सतेज पाटील बैठक में मौजूद थे. वहीं राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) की ओर से प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे और वरिष्ठ नेता जयंत पाटील ने कांग्रेस नेताओं से आमने-सामने बातचीत की.

कांग्रेस की साफ शब्दों में अपनी मांग

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने इस बैठक में बिल्कुल साफ शब्दों में कहा कि इस बार राज्यसभा की सीट कांग्रेस को मिलनी ही चाहिए. कांग्रेस का तर्क है कि वर्ष 2022 में महाविकास आघाड़ी की चार राज्यसभा सीटों में से दो सीटें राष्ट्रवादी को दी गई थीं, इसलिए अब राजनीतिक संतुलन के लिहाज़ से यह सीट कांग्रेस के हिस्से में आनी चाहिए.

पवार फैक्टर से उलझी तस्वीर

दूसरी ओर, राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) इस सीट को पूरी तरह छोड़ने के मूड में नहीं है. पार्टी नेताओं का कहना है कि शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा जाना चाहते हैं और यह सीट उनके लिए सुरक्षित रखी जानी चाहिए. हालांकि, बैठक में कांग्रेस नेताओं ने सीधा सवाल दाग दिया. क्या खुद शरद पवार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई है?

इसके जवाब में राष्ट्रवादी नेताओं ने बताया कि पार्टी की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष सुप्रिया सुळे ने यह इच्छा व्यक्त की है. लेकिन अहम बात यह है कि शरद पवार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक या सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है. इसी वजह से कांग्रेस ने फिलहाल अपने दावे से पीछे हटने से इनकार कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि यदि शरद पवार खुद राज्यसभा जाने को तैयार होते हैं, तो कांग्रेस सम्मानजनक रास्ता निकालने पर विचार कर सकती है.

उद्धव सेना की एंट्री से बढ़ी टेंशन

इसी बीच, इस राजनीतिक रस्साकशी में उद्धव सेना की एंट्री ने समीकरण और उलझा दिए हैं. महाविकास आघाड़ी में सबसे ज़्यादा विधायक उद्धव सेना के हैं. इसी आधार पर पार्टी का कहना है कि यह सीट उनका हक़ बनती है. उद्धव सेना की ओर से आदित्य ठाकरे ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी इस सीट को छोड़ने के मूड में नहीं है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संख्या बल के हिसाब से राज्यसभा सीट पर पहला अधिकार उन्हीं का है.

बैठकों के बाद भी नहीं निकल रहा हल

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार फिरसे राज्यसभा जाने को लेकर शरद पवार की चुप्पी साधी है. राज्यसभा का फैसला पवार ने महाविकास आघाडी के पाले में डाला है. राज्यसभा जाने को लेकर अपनी भूमिका स्पष्ट किए बिना शरद पवार ने पार्टी नेताओं को महाविकास आघाडी के नेताओं से चर्चा करने की सलाह दी है. कल रात शरद पवार, जयंत पाटील, शशिकांत शिंदे और जितेंद्र आव्हाड के बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई.

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