Coimbatore: सरकारी स्कूल के खाने में गिरी छिपकली, 43 बच्चे हुए बीमार; अस्पताल में मची चीख-पुकार
तमिलनाडु के कोयंबटूर में सरकारी स्कूल का मिड-डे मील खाने से 43 बच्चे बीमार हो गए. सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के कमिश्नर ने खाने में छिपकली गिरने की पुष्टि की है. Coimbatore: सरकारी स्कूल के खाने में गिरी छिपकली, 43 बच्चे हुए बीमार; अस्पताल में मची चीख-पुकार
तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के एक सरकारी स्कूल से फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है, जहां दोपहर का खाना खाने से करीब 43 बच्चे बीमार हो गए हैं. उन्हें आनन-फानन में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पांच डॉक्टरों की एक टीम निगरानी में बच्चों का इलाज चल रहा है. सभी को मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. छात्रों के परिजन इस घटना से काफी परेशान है. वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (CCMC) के कमिश्नर एम शिवगुरु प्रभाकरन ने बताया कि स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले खाने में छिपकली गिर गई थी, जिससे वह खराब हो गया. इसे खाने के बाद स्कूल में पढ़ने वाले 30 लड़के और 13 लड़कियां बीमार पड़ गईं. एक साथ इतने सारे बच्चों को फूड पॉइजनिंग जैसी परेशानी होने पर स्कूल में हड़कंप मच गया. इसके बाद सभी बीमार छात्रों को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
स्कूल का खाना खाते ही 43 छात्र-छात्राएं बीमार
सभी का इंटेंसिव ट्रीटमेंट चल रहा है. कमिश्नर ने बताया कि स्टूडेंट्स आज रात 9 PM तक मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रहेंगे. सभी स्टूडेंट्स की हालत अभी स्टेबल है और सब ठीक है. पांच डॉक्टरों की टीम की देखरेख में बच्चों का ट्रीटमेंट किया जा रहा है. स्कूल के किचन का इंस्पेक्शन किया जाएगा और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, सेफ फूड प्रैक्टिस पक्का करने के लिए एक सर्कुलर बहुत जल्द सभी स्कूलों को भेजा जाएगा.
बच्चों के माता-पिता परेशान
घटना की सही वजह डिटेल्ड इन्वेस्टिगेशन पूरी होने के बाद पता चल पाएगी. बता दें कि इस घटना ने स्कूल में छात्रों की स्वास्थ्य और खाना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल बीमार बच्चों से भर गया है. अभिभावकों को अस्पताल के बाहर तांता लगा हुआ है. वह अपने बच्चों का हाल जानने के बेकरार है. फिलहाल, इस पूरी घटना पर स्कूल और अस्पताल प्रशासन की तरफ से अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है.