Kejriwal vs Center: ‘देश को अमेरिका की कॉलोनी बना दिया!’ LPG संकट पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तीखा हमला

देश में एलपीजी संकट को लेकर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की कमी के कारण आज देश इस संकट से गुजर रहा है. उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए हैं.

देश में एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला हैं. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा कि आज देश गंभीर संकट से गुजर रहा है. देश में एलपीजी की भारी किल्लत पैदा हो गई है. इसका कारण देश की मौजूदा सरकार की विदेश नीति है. जिसके चलते आज देश इस संकट से गुजर रहा है.

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में गैस का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो गया है, जबकि खपत का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात से पूरा होता है. उनका दावा है कि आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हार्मुज स्ट्रेट से आता था, जो फिलहाल बंद होने की वजह से आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसका सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है. रेस्टोरेंट गैस का ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकते और उन्हें रोजाना सप्लाई पर निर्भर रहना पड़ता है.

मुंबई से लेकर पंजाब तक 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद

केजरीवाल ने कहा कि मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं, जबकि तमिलनाडु में लगभग हजारों होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर हैं. इसी तरह पंजाब और एनसीआर में भी हजारों होटल बंद होने की स्थिति बन रही है. केजरीवाल ने कहा कि गुजरात के मोरबी में 650 उद्योगों में से करीब 170 बंद हो चुके हैं, जिससे लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सरकार ने घरेलू और व्यावसायिक गैस के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे स्थिति और खराब हो गई है.

सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल

विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष नीति को खत्म कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में किसी एक देश का पक्ष नहीं लेना चाहिए था, लेकिन पीएम मोदी अमेरिका और इजरायल के पक्ष में दिखाई दिए, जिससे ईरान जैसे पुराने दोस्त देश नाराज हो गए. उनहोंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी यूएस के दबाव में काम कर रहे हैं. अगर पीएम को किसी तरह का डर है तो अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन दुनिया में उसका सम्मान था.केजरीवाल ने 1971 के युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय अमेरिका की धमकियों के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के हित में फैसले लिए थे. जबकि मौजूदा सरकार की विदेश नीति से देश की छवि को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि पिछले 75 सालों से भारत की विदेश नीति की बुनियाद रही नॉन-अलाइमेंट पॉलिसी को प्रधानमंत्री ने कुछ ही दिनों में खत्म कर दिया

अमेरिका के आगे देश को कर दिया कमजोर

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर भी बड़ा हमला बोला है. केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा सरकार ने देश को अमेरिका की एक कॉलोनी बना दिया है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने शासन इसलिए किया क्योंकि वो कमजोर थे. आज अमेरिका ने हमारे देश को भी कमजोर कर दिया है. मौजूदा सरकार अमेरिका के आदेश पर फैसले लेती है. अमेरिका के कहने पर ही रूस से तेल खरीदना बंद किया गया था, जिससे देश को 8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ था. समझ नहीं आता है आखिर क्या वजह है जो अमेरिका का अदना अफसर भी हमारी मौजूदा सरकार को आदेश दे देता है.

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