Haryana Roadways News: एसएमएस (SMS) भेजकर कंडक्टर को नौकरी से निकालना हरियाणा सरकार को पड़ा भारी; हाईकोर्ट ने सेवा समाप्ति पर लगाई रोक

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरसा डिपो के कंडक्टर लक्ष्मी नारायण की सेवा समाप्ति पर रोक लगा दी है। रोडवेज विभाग ने बिना विस्तृत आदेश जारी किए केवल एक ऑटोमेटेड SMS भेजकर कर्मचारी को निकाल दिया था। जानें क्या है पूरा विवाद और मंत्री कार्यालय के 'कथित सहायक' की धमकी का मामला।

चंडीगढ़: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा रोडवेज (सिरसा डिपो) में परिचालक लक्ष्मी नारायण की एसएमएस के जरिए सेवा समाप्ति को गंभीरता से ले आदेश पर रोक लगा दी। लक्ष्मी नारायण ने कोर्ट को बताया कि 18 मार्च 2025 को याची सिरसा-चंडीगढ़ मार्ग पर किलोमीटर स्कीम के माध्यम से संचालित बस पर ड्यूटी पर था। दरियापुर से दो यात्री सवार हुए, जिनमें से एक ने सैनी माजरा और दूसरे ने चंडीगढ़ तक का टिकट लिया। जयवीर ने खुद को परिवहन मंत्री कार्यालय में सहायक बताकर विना टिकट यात्रा, निर्धारित स्टैंड के अलावा बस रुकवाने का दबाव बनाया। याची के विरोध करने पर सबक सिखाने की धमकी दी।

याची ने कहा कि बस का आधिकारिक जीपीएस डेटा और किलोमीटर स्कीम के भुगतान बिलों ने स्पष्ट किया कि बस उकलाना स्टैंड पर गई थी जबकि शिकायत में आरोप था कि बस वहां नहीं गई। सच्चाई जानने के लिए जांच में चालक, किसी यात्री के लिखित बयान शामिल नहीं किया और न शिकायतकर्ता आया।

इससे पहले हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि कर्मचारी के प्रतिवेदन पर विचार हो और तब तक सेवा समाप्ति को स्थगित रखा जाए। विभाग ने न केवल इस आदेश को नजरअंदाज किया, बल्कि बिना कोई लिखित विस्तृत आदेश जारी किए केवल ऑटोमेटेड एसएमएएस भेजकर कर्मी को नौकरी से निकाल दिया।

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