भिवानी ITI: एक साल से खंडहर वर्कशॉप, लाखों की मशीनें बर्बाद, 1700 छात्रों का भविष्य अधर में!

भिवानी राजकीय आईटीआई की वर्कशॉप एक साल से बंद। छत से टपकते पानी और करंट के डर से मशीनें ठप। 1700 प्रशिक्षु बिना प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के बन रहे 'मैकेनिक'। जानें पूरी रिपोर्ट।

भिवानी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भिवानी में प्रशिक्षुओं के लिए बनाई गई वर्कशाॅप एक साल से खंडहर घोषित की जा चुकी है। ऐसे में बिना प्रशिक्षण के कैसे भविष्य के मैकेनिक तैयार होंगे। वहीं, बंद पड़ी वर्कशाॅप में प्रशिक्षुओं के लिए रखी लाखों रुपये की मशीनें भी खराब हो रही हैं। हालांकि, संस्थान प्रशासन द्वारा प्रशिक्षुओं के लिए ट्रेड के हिसाब से कक्षाओं में वर्क टेबल लगाए गए हैं। इनसे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। साथ ही, वर्कशाॅप में रखी भारी मशीनों को खराब होने से बचाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।

दरअसल, हांसी रोड स्थित राजकीय आईटीआई में पढ़ाई करने वाले प्रशिक्षुओं के लिए आईटीआई स्थापना के साथ ही वर्कशाप बनाई गई थी। क्योंकि प्रशिक्षण संस्थान में बिना प्रशिक्षण के सिर्फ थ्योरी ज्ञान से मैकेनिकों की पढ़ाई कर पाना संभव नहीं है। लेकिन अब आईटीआई में बनी वर्कशाप पिछले एक साल से खस्ताहाल हो चुकी है। बारिश के समय वर्कशाॅप की छत से पानी टपकता है। जिससे प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दे पाना संभव नहीं है। क्योंकि मशीनें बिजली से संचालित होने के कारण करंट का खतरा बना रहता है। ऐसे में संस्थान प्रशासन ने एक साल पहले वर्कशाॅप को बंद करने का निर्णय लिया था। वहीं, वर्कशाॅप में रखे छोटे उपकरणों से काम चलाने के लिए प्रशिक्षण संस्थाओं में शिफ्ट भी कर दिया गया। लेकिन मशीनों के बिना प्रशिक्षण संभव नहीं है। जिससे प्रशिक्षु एक साल से बिना प्रशिक्षण के सिर्फ व्यावहारिक ज्ञान ले रहे हैं।
1700 से अधिक प्रशिक्षु ले रहे हैं शहर की आईटीआई में प्रशिक्षण

शहर की राजकीय आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों व डिप्लोमा कोर्सों के दोनों वर्षों के लगभग 1700 से अधिक प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें से कोपा, स्टेनो सहित केवल थ्योरी ज्ञान वाले प्रशिक्षुओं को छोड़कर अन्य सभी प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देना अनिवार्य होता है। जिसके लिए मशीनों की जरूरत होती है। ऐसे में बिना मशीनों के वर्क टेबल पर केवल प्रारंभिक ज्ञान के सहारे ही काम चलाया जा रहा है।

वर्कशाॅप में रखी है एक दर्जन से अधिक भारी मशीन

वर्कशाॅप में प्रशिक्षुओं के लिए एक दर्जन से अधिक भारी मशीनें रखी है। मशीनों के अलावा छोटे उपकरणों को संस्थान प्रशासन ने प्रशिक्षुओं के लिए कमरों में रखवाया है। वहीं इन भारी मशीनों को शिफ्ट करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। अब मशीनें शिफ्ट होने के बाद ही प्रशिक्षुओं को इनका लाभ मिलेगा।

वर्कशाॅप के सामान को कक्षाओं में शिफ्ट करवाया गया है। इसके अलावा वर्कशाॅप में रखी बड़ी व भारी मशीनों को शिफ्ट करने के लिए निदेशालय की टीम ने दौरा कर निरीक्षण किया था। निदेशालय के आदेश मिलते ही मशीनों को यहां से शिफ्ट कर खस्ताहाल हो चुकी वर्कशाॅप को खाली किया जाएगा।

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