Crude Oil Price Crash: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 6% गिरा कच्चा तेल, क्या आएगी मंदी?

कच्चे तेल की कीमतों में अचानक 6% की गिरावट! क्या अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें रंग ला रही हैं? जानें ब्रेंट क्रूड और WTI के ताजा भाव और इजराइल का रुख।

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच तेल की कीमतों में अचानक आई गिरावट ने सबका ध्यान खींचा है. गुरुवार सुबह क्रूड ऑयल के दाम करीब 6% तक नीचे आ गए, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब हालात सुधरने वाले हैं. आम तौर पर जब युद्ध या तनाव बढ़ता है तो तेल महंगा होता है, लेकिन इस बार उल्टा देखने को मिला.

तेल की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरें हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका इस संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक दबाव बना रहा है. साथ ही, एक महीने के सीजफायर यानी युद्धविराम की कोशिशें भी चल रही हैं. इन खबरों से बाजार को उम्मीद मिली कि जल्द ही तनाव कम हो सकता है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी. इसी का असर यह हुआ कि अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 88 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया.

बातचीत के साथ-साथ सैन्य हलचल भी

हालांकि, तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है. एक तरफ शांति की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा सैनिक भेजने की खबरें भी सामने आई हैं. कहा जा रहा है कि हजारों सैनिकों को इस क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी की गई है. इससे बाजार में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. क्या युद्ध खत्म होगा या और बढ़ेगा?

इजराइल का रुख अब भी सख्त

इस पूरे मामले में इज़राइल का रुख भी अहम है. इजराइल ने साफ संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है और उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल को सीजफायर प्लान पर भरोसा नहीं है और उसे लगता है कि ईरान इसे आसानी से नहीं मानेगा. तेल की कीमतों में आई यह गिरावट फिलहाल उम्मीद का संकेत जरूर देती है, लेकिन स्थिति अभी भी अनिश्चित है. अगर बातचीत सफल होती है तो कीमतें और गिर सकती हैं. वहीं, अगर तनाव बढ़ा तो तेल फिर महंगा हो सकता है.

Leave A Reply

Your email address will not be published.