West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की सर्वदलीय बैठक; जानें किस पार्टी से कौन सा दिग्गज नेता पहुंचा
केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए.
पश्चिम एशिया संकट को लेकर केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो कि शुरू हो चुकी है. बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा पहुंचे हैं.
इसके साथ ही जेडीयू से लल्लन सिंह और संजय झा, समाजवादी पार्टी नेता धर्मेंद्र यादव और जावेद अली, कांग्रेस से तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, सीपीआईएम से जॉन ब्रिटास और आम आदमी पार्टी से संजय सिंह भी बैठक में पहुंचे हैं.
विपक्ष ने की थी सर्वदलीय बैठक की मांग
बता दें कि विपक्ष ने पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग उठाई थी. इससे पहले राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अधिकार संपन्न 7 नये समूहों का गठन किया गया है, जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति व विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में क्या कहा?
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण देश के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में कहा था कि 3 सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है. इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. इससे पहले उन्होंने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है. सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
घेरलू गैस के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं
उधर, सरकार की ओर से बुधवार को बताया गया कि दो एलपीजी जहाज वेस्ट कोस्ट पर कल और परसों पहुंच जाएंगे. इसमें 92 हजार टन एलपीजी लोड है. शिपिंग मिनिस्ट्री ने बताया कि ईरान से कोई लोडेड कार्गो आने की जानकारी नहीं है. हमारी प्राथमिकता घरेलू एलपीजी है. बीते दिन 58 लाख के करीब बुकिंग हुई है. घेरलू गैस के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. मंत्रालय में तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों के साथ रोजाना बैठक हो रही है.