बेंगलुरु vs अमेरिका: 10 मिनट में मिला रेबीज का टीका, वायरल पोस्ट ने छेड़ी बहस
बेंगलुरु के कोरमंगला में कुत्ते के काटने के 10 मिनट के भीतर मिला रेबीज इंजेक्शन। वायरल पोस्ट में अमेरिका की स्वास्थ्य सेवाओं से हुई तुलना। जानें क्या है पूरा मामला।
बेंगलुरु में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है. कोरमंगला में कुत्ते के काटने के बाद एक व्यक्ति को महज 10 मिनट में रेबीज का टीका मिल जाने की तुलना अब अमेरिका से की जा रही है. इस पोस्ट ने भारत के तेजी से विकसित हो रही स्वास्थ्य सेवाएं और शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर पर नई बहस छेड़ दी है.
जानकारी के मुताबिक, कोरमंगला निवासी सिद्धार्थ अपने दोस्त के घर एक पार्टी में गए थे, जहां उन्हें एक पालतू कुत्ते ने काट लिया. हालांकि कुत्ते का टीकाकरण हो चुका था, फिर भी उसने कोई जोखिम न लेते हुए तुरंत रेबीज वैक्सीन लगवाने का फैसला किया.
10 मिनट में मिला रेबीज का टीका
सिद्धार्थ ने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके घर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक क्लिनिक में उन्हें बहुत कम समय और कम लागत में टीका उपलब्ध हो गया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत में ऐसी सुविधाएं कई बार हमें सामान्य लगती हैं, लेकिन वास्तव में यह एक बड़ी उपलब्धि है.
शेयर किया दोस्त का अनुभव
उसने अपनी पोस्ट में अमेरिका में रह रहे अपने का दोस्त का अनुभव शेयर किया. उसने बताया कि अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले उसके एक दोस्त को कुत्ते ने काट लिया था और उसे 10 मील तक के दायरे में भी रेबीज का टीका नहीं मिला. इसी तुलना ने पोस्ट को वायरल कर दिया.
2 लाख से अधिक बार देखी जा चुकी पोस्ट
यह पोस्ट अब तक 2 लाख से अधिक बार देखी जा चुकी है और इस पर हजारों प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं. कई यूजर्स ने भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कम लागत की सराहना की है.
हालांकि, कुछ लोगों ने इस पर अलग राय भी रखी. कई यूजर्स ने कहा कि कोरमंगला जैसे शहरी इलाकों में सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी स्थिति उतनी मजबूत नहीं हैं. इस मुद्दे पर शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे के बीच असमानता को लेकर बहस तेज हो गई है. वहीं कुछ यूजर्स ने यह भी तर्क दिया कि अमेरिका में कुत्तों में रेबीज के मामले बहुत कम होते हैं. इसलिए वहां यह टीका आम तौर पर हर क्लिनिक में उपलब्ध नहीं रहता.