मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक: 24 घंटे में दो मासूमों पर हमला, दहशत में ग्रामीण

मुरादाबाद के कांठ में तेंदुए ने 10 साल की दीपांशी और 2 साल की सिदरा पर किया हमला। गन्ने के खेतों में छिपे तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने लगाया पिंजरा।

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जिले के थाना कांठ इलाके में तेंदुए के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत है. बीते 24 घंटे में तेंदुए ने दो मासूम बच्चियों पर हमला किया. मिश्रीपुर गांव में अपने घर के आंगन में भाई के साथ चारपाई पर लेटी 10 वर्षीय बालिका दीपांशी को तेंदुआ जबड़े में दबाकर गन्ने के खेतों की ओर ले गया. गनीमत रही कि बालिका के भाई विशाल ने शोर मचाना शुरू कर दिया था, जिसके बाद लाठी-डंडों लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने तेंदुए का पीछा किया, जिसके बाद बच्ची की जान बच सकी.

मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि, जैसे ही बच्ची के भाई की जोर से चिल्लाने की आवाज सुनी, तो सभी लोग एकत्र हो गए. लाठी-डंडे लेकर खेतों की तरफ गए. तेंदुआ बच्ची को जबड़े में दबाकर गन्ने के खेत में चला गया. खेत को चारों ओर से घेर कर शोर बचाया गया. शोर सुनकर तेंदुआ बच्ची को घायल अवस्था में छोड़कर भाग गया.

24 घंटे में दूसरा हमला

गांव के लोगों ने बताया कि तेंदुए के हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे महज 24 घंटे पहले महदूद कलमी गांव में भी दो वर्षीय मासूम सिदरा नूर पर तेंदुए ने घर के भीतर घुसकर हमला किया था. लगातार हो रही इन घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है. गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग की है. वहीं घायल बच्ची का उपचार मुरादाबाद के जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. वन विभाग की टीम की ओर से पिंजरा लगाए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.

​परिजनों ने क्या कहा?

दरअसल, अवनीश कुमार की पुत्री दीपांशी बीती रात करीब पौने आठ बजे अपने भाई के साथ आंगन में आराम कर रही थी. इस दौरान पास के गन्ने के खेत से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया और बच्ची की खोपड़ी को अपने जबड़ों में जकड़ लिया था. ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में गन्ने की ऊंची फसल तेंदुए के लिए सुरक्षित शरणस्थली बन गई हैं.

सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची है, लेकिन घंटों की कांबिंग के बावजूद तेंदुए का कोई सुराग नहीं लगा है. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की ढिलाई मासूमों की जान पर भारी पड़ रही है. फिलहाल वन विभाग के अधिकारियों और कहना है हम लोगों के द्वारा पिंजरे का इंतजाम कर लिया गया है जल्दी को पकड़ लिया जाएगा.

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