राज्यसभा में CAPF बिल पास: विपक्ष का भारी हंगामा और वॉकआउट, खरगे ने उठाए सवाल

विपक्ष के विरोध के बीच राज्यसभा में CAPF बिल 2026 पारित। मल्लिकार्जुन खरगे ने बिल को सेलेक्ट कमेटी भेजने की मांग की। जानें क्यों विपक्ष ने किया सदन से वॉकआउट।

राज्यसभा में बुधवार को CAPF बिल पर जमकर बवाल हुआ है. विपक्ष की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खरगे ने CAPF बिल में कई खामियां गिनवाईं. उन्होंने कहा कि इस बिल में अभी भी कई खामियां हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए. बताया जा रहा है कि बिल पर हुई चर्चा का गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया. गृह राज्यमंत्री के जवाब के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने पांच पॉइंट पर आपत्ति करते हुए बिल सलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की.

कांग्रेस राज्यसभा प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष के कहने के बाद CAPF बिल को सेलेक्ट कमेटी को नहीं भेजा गया. बहुमत के दम पर रौंदने का काम किया गया है. उनका आरोप है कि प्राण न्योछावर करने वाले जवानों को ठीक से सुना नहीं जा रहा है. इसके विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया. वहीं इससे पहले बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विदेशी अंशदान संशोधन बिल को लेकर हंगामा किया. उन्होंने FCRA बिल वापस लो के नारे लगाए. स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध करते रहे.

राज्यसभा ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) सामान्य प्रशासन विधेयक, 2026 को विपक्ष के विरोध के बीच पास कर दिया गया. इस दौरान विपक्ष ने बिल को संसद की चयन समिति को भेजने की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट किया. सरकार का कहना है कि यह बिल CAPF के सभी बलों के लिए एक समान नियम व्यवस्था बनाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया बेहतर होगी और सील का मान्य बढ़ेगा. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह बिल देश के संघीय ढांचे को मजबूत करेगा और सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाएगा.

बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग

वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग की. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने कर्मियों करते हुए सदन से वॉकआउट किया.

सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर संसदीय स्वयंसेवकों का सम्मान न करने का आरोप लगाया. वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार बहुमत के दम पर विपक्ष के फैसले को रौंदने का काम का रही है.

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