हरियाणा नगर निगम चुनाव: अब ‘हाथ’ के सिंबल पर लड़ेगी कांग्रेस, मेयर और पार्षद का बड़ा फैसला

हरियाणा कांग्रेस का बड़ा ऐलान! आगामी नगर निगम चुनाव में मेयर और पार्षद पद के लिए पार्टी सिंबल पर उतरेंगे उम्मीदवार। भाजपा के 'कमल' से होगा सीधा मुकाबला। जानें 3 मुख्य कारण।

चंडीगढ़: हरियाणा की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व ने आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी ने फैसला किया है कि वह सभी नगर निगमों में मेयर और पार्षद पद का चुनाव पार्टी के सिंबल (हाथ का पंजा) पर लड़ेगी।

पिछले कुछ सालों में कांग्रेस अक्सर स्थानीय निकाय चुनावों में सीधे सिंबल पर उतरने से बचती रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर गुटबाजी को रोका जा सके। लेकिन 2025 के नगर निगम चुनावों के अनुभवों और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी अब ‘फ्रंटफुट’ पर खेलने की तैयारी में है।

इस फैसले के पीछे के 3 मुख्य कारण
सिंबल पर चुनाव लड़ने से कार्यकर्ताओं को सीधा संदेश जाता है कि पार्टी सक्रिय है।कांग्रेस शहरी इलाकों में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है। सिंबल पर लड़ने से पार्टी को अपने वास्तविक जनाधार का अंदाजा लगेगा।भाजपा हमेशा से नगर निगम चुनाव अपने चुनाव चिह्न ‘कमल’ पर लड़ती आई है। कांग्रेस के इस फैसले से मुकाबला अब सीधा और दिलचस्प हो जाएगा।

गुटबाजी पर लगाम लगाने की चुनौती
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिंबल पर चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए एक दोधारी तलवार जैसा है। जहाँ इससे संगठन मजबूत होगा, वहीं टिकट वितरण के दौरान गुटबाजी भी उभर सकती है। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया है कि केवल जिताऊ और वफादार उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।

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