Abhay Deol: बॉलीवुड के सबसे अंडररेटेड स्टार की 5 बेहतरीन फिल्में; ‘Dev.D’ से ‘Zindagi Na Milegi Dobara’ तक अभय का यादगार सफर

स्टारडम और बॉक्स ऑफिस की दौड़ से दूर अभय देओल ने अपनी दमदार एक्टिंग से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई है। जानें क्यों उन्हें इंडस्ट्री का सबसे अंडररेटेड एक्टर माना जाता है और देखें उनकी 'देव डी' और 'ओए लक्की! लक्की ओए!' जैसी शानदार फिल्मों का सफर।

बॉलीवुड में अक्सर स्टारडम और बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के बीच कई ऐसे कलाकार भी होते हैं, जिनकी असली काबिलियत को उतनी पहचान नहीं मिल पाती जितनी मिलनी चाहिए. ऐसे ही कलाकारों में एक नाम है अभय देओल का.

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दमदार एक्टिंग, अलग तरह की फिल्में चुनने का साहस और किरदारों में पूरी तरह ढल जाने की कला, इन सब के बावजूद अभय देओल को अक्सर बॉलीवुड के सबसे अंडररेटेड एक्टर्स में गिना जाता है.

दमदार एक्टिंग, अलग तरह की फिल्में चुनने का साहस और किरदारों में पूरी तरह ढल जाने की कला, इन सब के बावजूद अभय देओल को अक्सर बॉलीवुड के सबसे अंडररेटेड एक्टर्स में गिना जाता है.

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अभय देओल ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में की हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती हैं. इन फिल्मों ने ये साबित किया कि वो सिर्फ स्टार किड नहीं, बल्कि एक बेहतरीन और कमाल के कलाकार हैं.

अभय देओल ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में की हैं, जो आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती हैं. इन फिल्मों ने ये साबित किया कि वो सिर्फ स्टार किड नहीं, बल्कि एक बेहतरीन और कमाल के कलाकार हैं.

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सबसे पहले बात करते हैं 'देव-डी' की, साल 2009 में आई इस फिल्म में अभय देओल ने देव का किरदार निभाया था. अनुराग कश्यप की इस मॉडर्न लव स्टोरी ने बॉलीवुड के रोमांस को बिल्कुल नए अंदाज में पेश किया था. फिल्म में अभय की इंटेंस और रियलिस्टिक एक्टिंग को काफी सराहा गया था.

सबसे पहले बात करते हैं ‘देव-डी’ की, साल 2009 में आई इस फिल्म में अभय देओल ने देव का किरदार निभाया था. अनुराग कश्यप की इस मॉडर्न लव स्टोरी ने बॉलीवुड के रोमांस को बिल्कुल नए अंदाज में पेश किया था. फिल्म में अभय की इंटेंस और रियलिस्टिक एक्टिंग को काफी सराहा गया था.

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इसके बाद आती है 'ओए लक्की! लक्की ओए!' इस फिल्म में अभय ने एक ऐसे चोर का किरदार निभाया था, जो अपनी चतुराई और स्टाइल के लिए फेमस हो जाता है. फिल्म की कहानी और अभय की कॉमिक टाइमिंग ने इसे एक यादगार फिल्म बना दिया.

इसके बाद आती है ‘ओए लक्की! लक्की ओए!’ इस फिल्म में अभय ने एक ऐसे चोर का किरदार निभाया था, जो अपनी चतुराई और स्टाइल के लिए फेमस हो जाता है. फिल्म की कहानी और अभय की कॉमिक टाइमिंग ने इसे एक यादगार फिल्म बना दिया.

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इसके अलावा 'चक्रव्यूह' में उन्होंने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया था, जो नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे के बीच फंसा हुआ दिखाई देता है. फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस ने ये साबित किया कि वो इंटेंस और गंभीर किरदारों को भी उतनी ही मजबूती से निभा सकते हैं.

इसके अलावा ‘चक्रव्यूह’ में उन्होंने एक पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया था, जो नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे के बीच फंसा हुआ दिखाई देता है. फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस ने ये साबित किया कि वो इंटेंस और गंभीर किरदारों को भी उतनी ही मजबूती से निभा सकते हैं.

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साल 2011 में आई 'जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा' में अभय देओल ने कबीर का किरदार निभाया था. ये फिल्म तीन दोस्तों की दोस्ती और जिंदगी को खुलकर जीने की कहानी थी. फिल्म में उनका शांत और समझदार किरदार लोगों को बेहद पसंद आया और ये फिल्म आज भी लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल है.

साल 2011 में आई ‘जिन्दगी ना मिलेगी दोबारा’ में अभय देओल ने कबीर का किरदार निभाया था. ये फिल्म तीन दोस्तों की दोस्ती और जिंदगी को खुलकर जीने की कहानी थी. फिल्म में उनका शांत और समझदार किरदार लोगों को बेहद पसंद आया और ये फिल्म आज भी लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल है.

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वहीं 'रांझणा' में अभय देओल का किरदार छोटा जरूर था, लेकिन काफी इफेक्टिव था. उन्होंने एक पॉलिटिकल लीडर के रूप में स्क्रीन पर अलग ही गंभीरता दिखाई, जिसने फिल्म की कहानी को नया मोड़ दिया.

वहीं ‘रांझणा’ में अभय देओल का किरदार छोटा जरूर था, लेकिन काफी इफेक्टिव था. उन्होंने एक पॉलिटिकल लीडर के रूप में स्क्रीन पर अलग ही गंभीरता दिखाई, जिसने फिल्म की कहानी को नया मोड़ दिया.

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